कोलकाता पुलिस ने अभिनेता परेश रावल के खिलाफ दर्ज किया केस, गुजरात में बंगालियों को लेकर दिया था विवादित बयान

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल को गुजरात में एक चुनावी रैली में बंगालियों पर की गई उनकी टिप्पणियों पर कोलकाता पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है.
रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता पुलिस ने परेश रावल को सोमवार को मौजूद रहने को कहा है. पूर्व सांसद और माकपा नेता मोहम्मद सलीम ने इस टिप्पणी को लेकर परेश रावल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.
मोहम्मद सलीम ने पुलिस को लिखे अपने पत्र में कहा, बड़ी संख्या में बंगाली राज्य की सीमा के बाहर रहते हैं. मुझे आशंका है कि परेश रावल द्वारा की गई भद्दी टिप्पणियों के कारण उनमें से कई को पूर्वाग्रह से निशाना बनाया जाएगा और प्रभावित किया जाएगा.
मोहम्मद सलीम ने अपनी शिकायत में परेश रावल पर दंगा भड़काने वाला भाषण देने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि रावल देश भर में बंगाली समुदाय और अन्य समुदायों के बीच सद्भाव को नष्ट कर रहे हैं. वो चाहते हैं कि परेश रावल पर दुश्मनी को बढ़ावा देना, जानबूझकर अपमान करना, सार्वजनिक शरारत आदि भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए. बंगालियों पर परेश रावल की टिप्पणियों ने पश्चिम बंगाल में तूफान खड़ा कर दिया है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भी उनके विवादास्पद बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है.

मोहम्मद सलीम ने 1 दिसंबर को कोलकाता के तलतला पुलिस स्टेशन में परेश रावल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी शिकायत दर्ज कराने के बाद परेश रावल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), 153A (जो कोई भी जानबूझकर या बेमतलब दंगा भड़काता है), 153B (अभियोग लगाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर हित) और 505 के तहत मामला दर्ज किया गया.

गौरतलब है कि गुजरात में एक चुनावी रैली में परेश रावल ने कहा था कि गुजरात के लोग मुद्रास्फीति को बर्दाश्त करेंगे, लेकिन ‘बांग्लादेशियों और रोहिंग्या’ को पड़ोस में नहीं. इसके साथ ही परेश रावल ने ‘मछली पकाने’ जैसे रूढ़ीवादी शब्द का इस्तेमाल किया, जिसने बंगालियों को नाराज कर दिया है.
हालांकि, दिग्गज अभिनेता ने एक माफी के साथ अपनी टिप्पणियों को समझाने का प्रयास किया. परेश रावल ने दावा किया कि जब उन्होंने ‘बंगाली’ शब्द का इस्तेमाल किया तो उनका मतलब ‘अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्या’ से था. कई लोगों ने इसे बंगालियों पर ‘हेट स्पीच’ के रूप में देखा.

बता दें कि पिछले हफ्ते गुजरात के वलसाड में एक रैली को सम्बोधित करते हुए परेश रावल ने कहा था, गैस सिलेंडर महंगे हैं, लेकिन उनकी कीमत कम हो जाएगी। लोगों को रोजगार भी मिलेगा. लेकिन क्या होगा अगर रोहिंग्या प्रवासी और बांग्लादेशी दिल्ली की तरह आपके आसपास रहने लगें? आप गैस सिलेंडर का क्या करेंगे? बंगालियों के लिए मछली बनाओ? भाषण के वायरल होने और आलोचना होने के बाद परेश रावल ने माफी मांगी थी. मशहूर अभिनेता परेश रावल भाजपा के लोकसभा सदस्य हैं.