नवी मुंबई में मैनहोल की सफाई के दौरान मजदूर और सुपरवाइजर की मौत; साइट इंजीनियर गिरफ्तार

ठाणे: नवी मुंबई के रबाले (MIDC) में मैनहोल की सफाई के दौरान शनिवार शाम जहरीली गैस की चपेट में आने से एक मजदूर और सुपरवाइजर की मौत हो गई। मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराने के आरोप में रबाले पुलिस ने एक साइट इंजीनियर को गिरफ्तार किया है।
घटना तीन दिसंबर की दोपहर की है, जब बिटकॉन ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी में काम कर रहे साइट इंजीनियर दत्तात्रय गिरधारी ने सुपरवाइजर संदीप हम्बे (35) और मजदूर विजय झारखंड (29), वसंत झारखंड (49) और मुर्तजा शेख (30) को गटर में लगे चोक को हटाने के लिए प्रोफैब कंपनी के सामने एमआईडीसी के प्लॉट नंबर 310 पर आने को कहा। सभी मौके पर पहुंचे, वसंत और विजय झारखंड गटर के अंदर घुस गए, जबकि संदीप उनके पीछे हो लिया। मुर्तजा ने कहा, ‘मैं बाहर खड़ा था और उनके द्वारा भरी गई मिट्टी और गंदगी को बाल्टी से फेंक रहा था। लगभग 3.15 बजे, अचानक गटर से तेज गंध निकली और गटर के अंदर तीनों नीचे गिर गए। वसंत थोड़ा हिल रहा था और मैंने उसे रस्सी की मदद से निकालने में कामयाबी हासिल की।
इतने में मुर्तजा मदद के लिए चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर प्लॉट नंबर 310 के कुछ मजदूर मदद के लिए आए। तीनों को राजमाता जिजाऊ अस्पताल ले जाया गया। वसंत को डॉक्टरों ने एनएमएमसी वाशी अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि विजय और संदीप को शाम 6.30 बजे मृत घोषित कर दिया गया।

साइट इंजीनियर को पुलिस ने किया गिरफ्तार
रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक सुधीर पाटिल ने बताया कि श्रमिकों में से एक के बयान के अनुसार, यह स्पष्ट है कि श्रमिकों को आवश्यक गियर प्रदान नहीं किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। हमने दत्तात्रय गिरधारी, साइट इंजीनियर पर मामला दर्ज किया है, जो आईपीसी की धारा 304ए (लापरवाही से मौत का कारण) और 336 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य) के तहत घटना के लिए जिम्मेदार है। पाटिल ने बताया कि साइट इंजीनियर दत्तात्रेय गिरधारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसे 8 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। वसंत खतरे से बाहर है और उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। इस हादसे से फिर यह बात सामने आई है कि कंपनियां खतरनाक रासायनिक पदार्थों को खुलेआम नालों में छोड़ रही है।