हिंगोली दौरे पर कार दुर्घटना में बाल-बाल बचीं महाराष्ट्र की स्कूली शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड!

हिंगोली: महाराष्ट्र की स्कूली शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड कार दुर्घटना में बाल-बाल बच गई हैं. मंत्री वर्षा गायकवाड की कार को तेजी से आते हुए एक टेम्पो ने पीछे से टक्कर मारी. इस दुर्घटना में कोई भी जख्मी नहीं हुआ और वर्षा गायकवाड बाल-बाल बच गईं. मंत्री वर्षा गायकवाड हिंगोली के दो दिवसीय दौरे पर हैं और वे हिंगोली की संरक्षक मंत्री हैं.
हिंगोली

दौरे के दौरान ही वर्षा गायकवाड की कार को एक टेम्पो ने पीछे से आकर टक्कर मार दी. वर्षा गायकवाड हिंगोली के आक्सिजन प्लांट का उद्घाटन करके रामलीला मैदान का जायजा लेने जा रही थीं. इसी दौरान पीछे से आ रही महिंद्रा पिकअप गाड़ी ने वर्षा गायकवाड की कार को पीछे से टक्कर मारी. इससे कार का पिछला भाग क्षतिग्रस्त हो गया. लेकिन सौभाग्य से कार में बैठी मंत्री वर्षा गायकवाड और अन्य लोगों को किसी तरह की चोट नहीं आई.

दो दिन के हिंगोली दौरे पर हैं वर्षा गायकवाड
वर्षा गायकवाड महाराष्ट्र की स्कूली शिक्षा मंत्री होने के साथ-साथ हिंगोली की संरक्षक मंत्री भी हैं. हिंगोली के कामों का जायजा लेने के लिए वे शुक्रवार से हिंगोली के दौरे पर हैं. वे हिंगोली के नियोजित कार्यक्रम के मुताबिक रामलीला मैदान तक जाने के लिए निकली थीं. इसी दौरान उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई.

1050 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन परियोजना का हुआ उद्घाटन
उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते प्रसार को देखते हुए मेरे भाई स्वर्गीय राजीव सताव ने हिंगोली जिले में ऑक्सीजन क्षमता बढ़ाने और ऑक्सीजन की उपलब्धता के संबंध में जिले को आत्मसम्मान बनाने का प्रयास किया था.
राजीवजी की प्रेरणा से प्राप्त प्रति मिनट 1050 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन परियोजना का उद्घाटन आज जिला अस्पताल में किया गया. अस्पताल में चौबीस घंटे में लगभग 200 जम्बो सिलेंडर ऑक्सीजन का उत्पादन किया जाएगा और इससे एक समय में 100 मरीजों को ऑक्सीजन मिलेगी.

उद्घाटन के अवसर पर विधायक तानाजी मुटकुले, जिला. पी. अध्यक्ष गणाजी बेल्हे, जिला कलेक्टर रुचेश जयवंशी, सीईओ श्री राधा विनोद शर्मा, कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजय बोंडारे सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे.

RTI कानूनों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई
वर्षा गायकवाड ने हिंगोली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कोरोना काल में किसी तरह की फीस ना बढ़ाने का स्पष्ट आदेश दिए जाने के बावजूद मुंबई और नवी मुंबई के कुछ स्कूलों ने फीस बढ़ाई, फीस भरने के लिए अभिभावकों को तकादा भिजवाया, विद्यार्थियों के रिजल्ट रोके. स्कूल से निकालने की धमकी दी. शिक्षा अधिकार अधिनियमों का उल्लघंन करने वाले ऐसे 8 स्कूलों पर आखिर राज्य के शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है. ऐसे स्कूलों के No Objection Certificate- NOC रद्द करने के प्रस्ताव पर जल्दी ही विचार कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

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