महाराष्ट्र: चीनी मिलों में ऑक्सीजन तैयार करने को लेकर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने चेताया

मुंबई: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य के चीनी कारखानों में डिस्टलरी उत्पादन बंद करके ऑक्सीजन तैयार करने को लेकर प्रदेश सरकार को चेताया है। उन्होंने कहा कि डिस्टलरी के उत्पादन रोककर ऑक्सीजन तैयार किया गया तो चीनी कारखानों के लिए बड़ी मुश्किल होगी। क्योंकि फिलहाल चीनी कारखानों के डिस्टलरी उत्पादन का उद्योग जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है।
शुक्रवार को सीएम उद्धव ठाकरे ने उस्मानाबाद के कलंब तहसील के चोराखली स्थित धाराशिव चीनी कारखाना के ऑक्सीजन उत्पादन परियोजना का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्धाटन किया है। यह चीनी कारखाना इथेनॉल परियोजना में बदलाव कर ऑक्सीजन उत्पादन करने वाला देश का पहला कारखाना है। इस कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। मैंने पूर्व जन्म में कुछ पाप किया था। इसलिए मेरे गले में तीन चीनी कारखानेपड़े हुए हैं, जिसको मैं चला रहा हूं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार, जलसंसाधन मंत्री जयंत पाटील और स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे चीनी कारखाना चलाते हैं उन्हें इसका दुख अच्छी तरह पता है।
गडकरी ने कहा कि फिलहाल कोरोना संकट के कारण डिस्टलरी उत्पादन बंद कर ऑक्सीजन तैयार करना सही हो सकता है लेकिन लंबे समय तक डिस्टलरी उत्पादन बंद किया गया तो चीनी कारखानों को ब्याज की किश्त भरना मुश्किल हो जाएगा। यदि डिस्टलरी का उत्पादन जारी रखते हुए बायो प्रोडक्ट के रूप में ऑक्सीजन तैयार किया गया तो ठीक रहेगा।
गडकरी ने कहा कि राज्य में चीनी का भंडारण काफी अधिक है। इसलिए चीनी कारखानों को बी-टाइप भारी शीरे (बी-हेवी मोलैसेस) में 10 की बजाय अब 20 प्रतिशत शक्कर मिलाना चाहिए। इस पर केंद्र सरकार से अनुमति के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजना चाहिए। गडकरी ने कहा कि मैं केद्र सरकार सेबी-टाइप भारी शीरे से बनने वाले इथेनॉल के लिए60 रुपए प्रति लीटर की दर देने की मांग कर रहा हूं। इससे देश में 60 लाख टन और महाराष्ट्र की 25 लाख टन चीनीका भंडारण कम होगा।

स्टील प्लांट पर भरोसा नहीं किया जा सकता
गडकरी ने कहा कि राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए स्टील प्लांट पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। क्योंकि एक ही समय में पूरे देश से मांग आने लगी तो स्टील प्लांट ऑक्सीजन का कोटा कम कर सकते हैं। इसलिए हर जिले में ऑक्सीजन उत्पादन की स्वतंत्र परियोजना लगाई जानी चाहिए। राज्य सरकार को 50 बिस्तर वाले अस्पतालों को हवा से ऑक्सीजन तैयार करने की परियोजना लगानाअनिवार्य करना चाहिए। जबकि 50 से कम बिस्तर वाले अस्पतालों को सिलेंडर से ऑक्सीजन से दिया जा सकता है। गडकरी ने कहा कि सरकार को म्यूकरमाइकोसिस की बीमारी के उपचार के लिए उपयोगीएम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के उत्पादन के लिए प्रयास करना चाहिए।

चीनी कारखाना ने पुण्य का काम किया: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस्मानाबाद के इस चीनी कारखाना ने संकट के समय ऑक्सीजन के उत्पादन की पहल करके पुण्य का काम किया है। जब तक ऑक्सीजन के प्लांट नहीं लग जाते हैं तब तक चीनी कारखाना को ऑक्सीजन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए कोरोना जांचलैब की संख्या बढ़ाई जाएगी। जबकि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने चीनी कारखानों को ऑक्सीजन तैयार करने के लिए आवश्यक लाइसेंस और नियमवाली में संशोधन करने के निर्देश दिए।

भाजपा नेताओं का कान पकड़ने के लिए धन्यवाद: मुख्यमंत्री
सीएम उद्धव ने कहा कि गडकरी ने कोरोना संकट में राजनीति करने वाले नेताओं के कान पकड़े हैं। उनका इशारा भाजपा नेताओं की ओर था। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं गडकरी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने नेताओं को संकट के समय राजनीति न करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जान है तो जहान है। यदि बचेंगे तो फिर राजनीति कर लेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में सभी दलों के प्रमुख नेता एक साथ आए हैं। इससे हमने देश को बड़ा संदेश दिया है। इससे पहले गडकरी ने विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस समेत भाजपा के नेताओं को कोरोना संकट में राजनीति न करने की नसीहत दी थी।

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