मुंबई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी बनकर व्यापारियों से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने किया भंडाफोड़

मुंबई: मुंबई पुलिस ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी बनकर व्यापारियों को ठगने के आरोपी जालसाजों के एक गिरोह को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस सूत्रों ने आज यह जानकारी दी. आरोपियों की पहचान कांदिवली के सिंह एस्टेट ठाकुर विलेज निवासी 25 वर्षीय धर्मेश प्रसाद शिंदे और चारकोप निवासी 35 वर्षीय अविनाश गायकवाड़ के रूप में हुई है. पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) स्मिता पाटिल ने बताया कि दोनों ने आरोपियों ने नकली खाद्य सुरक्षा अधिकारी बनकर व्यापारियों से जबरन वसूली करते हुए शहर में 70 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की थी.
एक दुकानदार की शिकायत के आधार पर मुंबई की कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने जाल बिछाया और दो आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के रूप में व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर छापा मारा, उनके अनाज के साथ गुणवत्ता के मुद्दों का आरोप लगाया और कार्रवाई नहीं करने के एवज में मोटी रकम वसूल की. डीसीपी ने आगे बताया कि काम करने के तरीके पर वे दोनों महाराष्ट्र सरकार के स्टिकर वाली कार में घूमा करते थे और दुकानदारों और होटल मालिकों को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नकली आईडी दिखाते थे ताकि कोई संदेह पैदा न हो. पुलिस ने कथित तौर पर उनके पास से पांच हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के फर्जी आईडी कार्ड, खाद्य विभाग के कुछ फॉर्म, जिस कार में वे यात्रा कर रहे थे, और महाराष्ट्र सरकार का एक स्टिकर जब्त किया गया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों का नाम 70 से ज्यादा मामलों में सामने आया है, आगे की जांच की जा रही है.