राज्यसभा चुनाव: शिवसेना को जीत दिलाने लामबंद हुआ पवार परिवार, सपा और AIMIM से मांगा समर्थन!

मुंबई: राज्यसभा चुनाव को लेकर महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना के बीच सियासी खींचतान जारी है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने शिवसेना उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए कवायद तेज कर दी है। खबर है कि एनसीपी ने समाजवादी पार्टी को अपने पक्ष में लाने में भी सफलता हासिल कर ली है। खास बात है कि राज्य में महाविकास अघाड़ी सरकार बनाने में सपा ने भी मदद की थी।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार से लेकर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और बेटी सुप्रिया सुले तक शिवसेना के दूसरे उम्मीदवार की जीत के लिए मेहनत कर रहे हैं। बुधवार को एनसीपी ने सपा के दो वोट हासिल करने के लिए सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबु आजमी को तैयार कर लिया था। हालांकि, पहले आजमी ने कहा था कि राज्यसभा चुनाव में वह एमवीए के लिए मतदान नहीं करेंगे, क्योंकि उनकी पार्टी से किए गए वादे पूरे नहीं हुए। इसके लिए उन्होंने सीएम उद्धव ठाकरे को कई पत्र भी लिखे थे।
सूत्रों की माने तो उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आजमी को मनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इसके अलावा राकंपा नेतृत्व की तरफ से सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भी संपर्क साधा गया। उन्होंने भी फोन पर एमवीए को वोट देने के लिए कहा है। आजमी ने सीएम के आधिकारिक आवास पर एक बैठक की थी। बैठक के बाद उन्होंने इस बात की पुष्टि की थी कि सपा ने दो वोट एमवीए को देने का फैसला किया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री पवार को ‘बात का सच्चा’ बताया था। रिपोर्ट के अनुसार, एनसीपी नेताओं का कहना है कि पवार ने बहुजन विकास अघाड़ी नेता हितेंद्र ठाकुर से भी बात की है। ठाकुर ने जानकारी दी थी कि पवार ने फोन पर उनसे बात की और शिवसेना उम्मीदवार को वोट देने के लिए कहा।
वहीं, दो दिन पहले सुप्रिया सुले ने चंद्रपुर से निर्दलीय विधायक किशोर जोर्गेवार से मुलाकात कर उन्हें शिवसेना को समर्थन देने के लिए तैयार कर लिया। इससे पहले निर्दलीय विधायक का कहना था कि उनके जैसे एमवीए को समर्थन देने वाले विधायक नाराज हैं, क्योंकि सरकार में मंत्री कमीशन के बगैर विकास परियोजनाओं को मंजूरी नहीं दे रहे थे। उन्होंने दावा किया था कि निर्दलीय विधायक एमवीए को वोट नहीं देंगे। बाद में सांसद सुले ने जोर्गेवार से मुलाकात की और होटल ट्राइडेंट में विधायकों की बैठक में आने के लिए मनाया। इसके अलावा एनसीपी ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल (AIMIM) से भी संपर्क साधा है। इसके पहले AIMIM चीफ ओवैसी ने कहा था कि एमवीए के नेताओं ने हमसे संपर्क नहीं किया है।

कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के सामने अपने चौथे उम्मीदवार को जिताने की चुनौती?
बता दें कि महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के सामने अपने चौथे उम्मीदवार को जिताने की चुनौती बड़ी है। क्रास वोटिंग की आशंकाओं के साथ एनसीपी के दो विधायकों नवाब मलिक और अनिल देशमुख के जेल में होने की वजह से उनके वोट करने की तस्वीर साफ हो गई है। वोटिंग करने के लिए दायर याचिका आज कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है। जिससे मलिक और देशमुख मतदान नहीं कर पाएंगे।