महाराष्ट्र: सरकार गठन पर संजय राउत बोले- सारी बाधाएं दूर, कल दोपहर तक सबको पता चल जाएगा

मुंबई: महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर सस्पेंस किसी फिल्मी कहानी की तरह जारी है। आज एनसीपी प्रमुख शरद पवार के पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने की खबरों के बीच शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि गुरुवार तक सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी। राउत ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि सभी बाधाएं खत्म हो गई हैं और कल तक स्थिति साफ हो जाएगी। सूत्रों का कहना है कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच बैकडोर से बातचीत जारी है और अब यह लगभग फाइनल हो चुकी है।
महाराष्ट्र में सरकार गठन की अटकलों पर शिवसेना प्रवक्ता राउत ने कहा, प्रदेश में सरकार बनने के करीब है। सभी बाधाएं दूर हो गई हैं और गुरुवार दोपहर तक आपको सब पता चल जाएगा।

राउत का दावा, NCP से गठबंधन पर पार्टी एकजुट
मीडिया से बात करते हुए शिवसेना प्रवक्ता ने सरकार बनाने के लिए डेडलाइन का भी ऐलान कर दिया। उन्होंने पवार और पीएम मोदी की मुलाकात को लेकर जारी अटकलों पर भी विराम लगाने की कोशिश की। राउत ने दो टूक अंदाज में कहा कि पार्टी के अंदर एनसीपी से गठबंधन को लेकर कोई हिचक नहीं है। इससे पहले राउत ने मंगलवार को पवार और सोनिया की मुलाकात के बाद कहा था कि एनसीपी चीफ के मन में क्या है यह समझने के लिए 100 जन्म लगेंगे।

कुछ भी हो महाराष्ट्र का राजनीतिक समीकरण बिलकुल पेंचीदा होता जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी और एनसीपी मुखिया शरद पवार की मुलाकात से महाराष्ट्र की राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है। सूबे में सरकार गठन को लेकर जारी उठापटक के बीच इन दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद सियासी हलकों में कई नए समीकरण की चर्चा जोरों पर है। एक चर्चा तो यह भी है कि महाराष्ट्र में एनसीपी और बीजेपी की सरकार बन सकती है और इसके एवज में केंद्र में शरद पवार की पार्टी को तीन अहम मंत्रालय दिए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, इससे आगे चर्चा यह भी है कि शरद पवार को 2022 के लिए राष्ट्रपति का पद भी ऑफर किया जा सकता है।

पवार के इन बयानों में कुछ संकेत हैं?
महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की महागठबंधन की सरकार बनाने की कवायद तेज हुई थी। हालांकि इस बीच शरद पवार ने यह बयान देकर कि सोनिया गांधी से सरकार बनाने को लेकर उनकी कोई चर्चा नहीं हुई है, नया सस्पेंस पैदा कर दिया। यही नहीं, पवार से जब यह पूछा गया कि शिवसेना के साथ सरकार बनने के क्या चांस हैं तो उन्होंने कहा कि बीजेपी और शिवसेना से पूछो, दोनों साथ थे।

पीएम मोदी ने की थी एनसीपी की तारीफ
उधर, पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में एनसीपी के अनुशासन की तारीफ कर दी। इसके बाद से ही सियासी हलकों में नए समीकरण को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गईं। अब पीएम मोदी और पवार की मुलाकात के बाद यह चर्चा जोरों पर है कि महाराष्ट्र में नया सियासी समीकरण बन सकता है और संभव है कि एनसीपी-बीजेपी मिलकर सरकार बना लें।

पवार को राष्ट्रपति का पद कर सकते हैं ऑफर?
इन चर्चाओं पर विश्वास करें तो माना जा रहा है कि एनसीपी के कुछ सांसदों ने सरकार बनाने के लिए शरद पवार से बीजेपी के साथ जाने की अपील की है। ये नेता इसके लिए अजीत पवार को भी मनाने में जुटे हैं। चर्चाओं की मानें तो अगर एनसीपी सरकार बनाने के लिए बीजेपी से हाथ मिलाती है तो राज्य मंत्रिमंडल में तो उसे कई अहम पद मिलेंगे ही केंद्र में भी पार्टी को 3 अहम पद दिए जाएंगे। इतना ही नहीं वर्तमान राष्ट्रपति का कार्यकाल जुलाई 2022 में खत्म हो रहा है और इसके बाद बीजेपी की तरफ से पवार का नाम राष्ट्रपति के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।

पीएम से मुलाकात का मतलब खिचड़ी पकना नहीं
शिवसेना चुनाव नतीजों के बाद से ही मुख्यमंत्री पद के लिए अड़ी हुई है। राज्यसभा में पीएम मोदी ने एनसीपी के अनुशासन की तारीफ की थी और इस बीच आज एनसीपी प्रमुख पीएम से मुलाकात कर रहे हैं। इस पर राउत ने कहा, क्या प्रधानमंत्री से मुलाकात का मतलब हमेशा कोई खिचड़ी पकना ही होता है? शरद पवार किसानों के लिए लड़ने वाले बहुत बड़े नेता हैं। उनकी पीएम मोदी से मुलाकात का कोई और अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। पार्टी के अंदर एनसीपी से गठबंधन को लेकर कोई हिचक नहीं है।

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