डीआईजी पर छेड़छाड़ का मामला: देहरादून में मिली लापता नाबालिग, छोड़ गई थी सूइसाइड नोट

नवी मुंबई: नाबालिग लड़की से कथित छेड़छाड़ के मामले में पुलिस सेवा से निलंबित कर दिए गए डीआईजी निशिकांत मोरे प्रकरण में एक नया मोड़ आया है।
जानकारी के मुताबिक, 6 जनवरी की रात करीब 11.30 बजे से तलोजा स्थित अपने घर से लापता हुई 17 वर्षीय नाबालिग देहरादून में मिली है। सूत्रों के अनुसार, उसकी तलाश में नवी मुंबई के करीब 5 दर्जन पुलिसकर्मी लगातार लगे हुए थे।
पता चला है कि वह 1700 किलोमीटर दूर देहरादून में अपने 19 वर्षीय रिश्तेदार के साथ मिली। समाचार लिखे जाने तक नाबालिग के घर वालों से संपर्क नहीं हो सका था। पुलिस इन दोनों को लेकर नवी मुंबई आ गई है। हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया है कि उन्हें कहां रखा गया है।

लड़की छोड़ गई थी सूइसाइड नोट
6 जनवरी को घर छोड़ने से पहले नाबालिग एक सूइसाइड नोट भी लिखकर गई थी, जिसमें उसने ट्रेन के नीचे आकर जान देने का संकेत दिया था। उसने इसके लिए डीआईजी मोरे को जिम्मेदार माने जाने की बात लिखी थी। मोरे को राज्य के गृह विभाग ने निलंबित कर दिया है।

मोरे की अग्रिम जमानत नामंजूर
पनवेल कोर्ट ने डीआईजी मोरे की गिरफ्तारी से बचने के लिए दाखिल की गई अग्रिम जमानत की अर्जी नामंजूर कर दी थी। मोरे अभी तक लापता है। मोरे की पत्नी ने अपने पति के निर्दोष होने की बात कही है। उनका कहना है कि छेड़छाड़ के मामले में उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है।

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