एग्जिट पोल में NDA को बहुमत, विपक्षी खेमे में मची हलचल

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नयी दिल्ली, लोकसभा चुनाव में एनडीए की बंपर जीत का ऐलान कर रहे एग्जिट पोल के नतीजों ने विपक्षी दलों की बेचैनी बढ़ा दी है। विपक्षी दल एग्जिट पोल के नतीजों के बाद सियासी गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है। खासकर विपक्षी खेमे में हलचल तेज है। विपक्षी दलों को आस है कि 23 मई आने वाला चुनाव परिणाम अलग रहेगा। इसी के मद्देनजर वह रणनीति बनाने में जुटे हैं। विपक्षी नेताओं की कोशिश है कि अगर करीबी स्थिति बनती है तो उसमें यूपीए समेत तीसरे मोर्चे की संभावना पर भी विचार किया जाए।
माया-अखिलेश में एक घंटे तक चर्चा
सोमवार सुबह अखिलेश यादव चुनाव में अपनी सहयोगी बीएसपी प्रमुख मायावती से मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं ने करीब 1 घंटे तक चर्चा की। बता दें कि एग्जिट पोल्स में उत्तर प्रदेश में एसपी-बीएसपी का महागठबंधन बीजेपी को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाता नहीं दिख रहा है। खबरों के मुताबिक नायडू आज पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मिलने वाले हैं। दूसरी तरफ एनसीपी मुखिया शरद पवार भी विपक्षी नेताओं को साधने के लिए ऐक्टिव हो चुके हैं। उधर, कांग्रेस में भी परिणाम के बाद की स्थिति पर मंथन में जुटी है।
उधर, पवार क्षेत्रीय दलों के नेताओं से संपर्क साध रहे हैं। माना जा रहा है कि अगर 23 मई को असल नतीजे थोड़े भी अलग होते हैं तो बीजेपी को सरकार बनाने से दूर रखने के लिए विपक्षी दल साझा सरकार बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। टीएमसी सूत्रों के अनुसार नायडू आज शाम 4 बजे ममता बनर्जी से मिल सकते हैं और बैठक में रिजल्ट के बाद की भावी योजना पर बात हो सकती है।
कांग्रेस में भी मंथन
रविवार को तमाम एग्जिट पोल में नरेंद्र मोदी सरकार के बहुमत के साथ वापसी का अनुमान लगाया गया है। हालांकि विपक्षी दल एग्जिट पोल के नतीजों को खारिज कर रहे हैं और केंद्र में सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, एग्जिट पोल के बाद कांग्रेस में भी मंथन जारी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिलकर परिणाम के बाद की स्थिति पर बात कर रहे हैं।
पटनायक, जगन मोहन के संपर्क में पवार?
खबरों के मुताबिक एनसीपी चीफ पवार ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक के संपर्क में हैं। बता दें कि पटनायक ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। बीजेपी पहले से ही पटनायक पर सॉफ्ट रुख अपनाए हुए हैं। ऐसे में पवार का पटनायक से संपर्क में होने की खबरों ने सस्पेंस बढ़ा दिया है। सूत्रों के मुताबिक पवार वाईएसआर नेता जगन मोहन रेड्डी के भी संपर्क में हैं। जगन और पटनायक का रुख अभीतक बीजेपी के लिए सॉफ्ट रहा है। बीजेपी ने भी चुनाव प्रचार के दौरान इन दो नेताओं के प्रति नरम ही रुख ही अपनाया था।
तीसरे मोर्चे की भी कवायद
इस बीच, ऐसी भी खबरें हैं कि अगर यूपीए गठबंधन नतीजों में पिछड़ती है तो तीसरे मोर्चे की कवायद को फिर शुरू किया जाए। इस स्थिति में तीसरा मोर्चा कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन के साथ सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है। तेलंगाना के सीएम केसीआर लगातार तीसरा मोर्च बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। गौरतलब है कि रविवार को आए सभी एग्जिट पोल ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को पूर्ण बहुमत की सरकार का अनुमान लगाया है।

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