पायल तडवी खुदकुशी: आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई की होगी विडियो रिकॉर्डिंग

सुसाइड नोट में हुआ खुलासा, तीन आरोपी डॉक्टरों ने पायल का महीनों तक मानसिक रूप से उत्पीड़न किया

मुंबई, बॉम्बे हाईकोर्ट ने अदालत प्रशासन को नायर अस्पताल की डॉक्टर पायल तडवी के आत्महत्या से जुड़े मामले की सुनवाई का वीडियो रिकार्डिंग करने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। न्यायमूति डीएस नायडू ने यह निर्देश मामले में आरोपी डॉ. हेमा अहूजा, डॉ. भक्ति मेहरे व डॉ. अंकिता खंडेलवाल की ओर से दायर जमानत आवेदन पर सुनवाई के दौरान दिया। बता दें कि इस मामले में पुलिस ने 1200 पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की है।

सुसाइड नोट में लिखी यह बातें
इस बीच पायल तडवी के सुसाइड नोट में खुलासा हुआ है कि तीन आरोपी डॉक्टरों ने पायल का महीनों तक मानसिक रूप से उत्पीड़न किया। उसे अपमानित किया गया और बदतमीजी की गई। अपने माता-पिता को संबोधित सुसाइड नोट में पायल तड़वी ने लिखा कि उसे जब परेशान किया जा रहा था, तब विभाग से उसे किसी तरह की मदद नहीं मिली। नोट में लिखा है, “मैंने इस कॉलेज में कदम रखा इस उम्मीद में कि मैं इस तरह के अच्छे संस्थान में पढ़ूंगी मगर लोगों ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। शुरू में मैं और स्नेहल (दोस्त) आगे नहीं आए और न ही किसी से भी कुछ कहा। मुझे उस हद तक यातनाएं दी गईं, जिसे मैं सहन नहीं कर सकती थी। मैंने उनके खिलाफ शिकायत की लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।”
नोट में आगे पायल ने लिखा, “मैंने अपना पेशेवर जीवन, निजी जीवन, सब कुछ खो दिया है क्योंकि उन्होंने ऐलान कर दिया है कि जब तक वे नायर कॉलेज में हैं, वे मुझे कुछ भी सीखने नहीं देंगे।” तडवी के सुसाइड नोट की एक बरामद तस्वीर और एक फॉरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि नोट में लिखावट तडवी की है, जिसे चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है।
तडवी ने नोट में कहा कि तीन साथी महिला डॉक्टरों ने उसकी शिक्षा को अवरुद्ध कर दिया और उसे एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में अनुभव प्राप्त करने से रोकने के लिए कहीं और ड्यूटी लगवा दी।
नोट में उसने आगे लिखा, “मुझे पिछले 3 सप्ताह से लेबर रूम संभालने की मनाही है क्योंकि वे मुझे इसके लिए योग्य और सक्षम नहीं मानते। मुझे ओपीडी के दौरान लेबर रूम से बाहर रहने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, उन्होंने मुझे कंप्यूटर पर स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली की प्रविष्टि करने के लिए कहा है, वे मुझे मरीजों की जांच करने की अनुमति नहीं देते। मैं जो कर रही हूं वह क्लर्क वाला काम है।”
तडवी ने कहा कि वह मानसिक रूप से परेशान हो गईं हैं। नोट में लिखा, “यहां काम करने के लिए स्वस्थ माहौल नहीं है और मैं कुछ भी करने के की उम्मीद खो चुकी हूं, क्योंकि मुझे पता है कि यह नहीं होगा। अगर आप अपने लिए बोलते हैं या खड़ा भी होते हैं तो इसका कोई नतीजा नहीं निकलेगा। “
नोट में आगे लिखा है, “मैंने बहुत कोशिश की, कई बार आगे आई, मैडम से इस बारे में बात की लेकिन कुछ नहीं किया गया। मुझे अब सचमुच कुछ नहीं दिखता। मैं केवल अपना अंत देख सकती हूं।” आगे लिखा- मुझे मानसिक रूप से काफी ज्यादा परेशान किया जा रहा है, इसलिए मैं यह कदम उठा रही हूं…” पायल ने यह भी लिखा है कि इस कदम के पीछे (तीन महिला डॉक्टर) यह लोग हैं, मुझे माफ करना…!”

गिरफ्तार डॉक्टरों पर आरोप
डॉक्टर तडवी ने नायर अस्पताल के छात्रावास में 22 मई 2019 को आत्महत्या कर ली थी। तीनों डॉक्टरों को पुलिस ने डॉ. तडवी की आत्महत्या के बाद 29 मई 2019 को गिरफ्तार किया गया था। तीनों आरोपी महिला डाक्टरों पर डॉ. तडवी को आत्महत्या के लिए उकसाने, उस पर जातिगत टिप्पणी करने व रैंगिग का आरोप है। तीनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और उन्हें आर्थर रोड जेल में रखा गया है।

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