MMRDA News
नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 48,072.57 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ अपना बजट पेश किया। यह 2017-18 के बाद इसका पहला अधिशेष बजट है। 2024-2025 में एमएमआरडीए को 7,468 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। 3 वर्षों में प्राधिकरण ने 17 लाख रुपये बचत की है।
बता दें कि मुंबई में जारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट को रफ्तार देने के लिए एमएमआरडीए ने बजट की कुल राशि में से 87.42% रकम (42,026 करोड़) प्रोजेक्ट पर खर्च करने का निर्णय लिया है। पिछले कई सालों से घाटे में चल रही एमएमआरडीए ने 2017-18 के बाद पहली बार 17 लाख रुपये का सरप्लस बजट पेश किया है।
बजट के माध्यम से प्राधिकरण ने जारी और प्रस्तावित मेट्रो प्रॉजेक्ट को गति देने का योजना बनाई है। बजट की कुल राशि में से 13,838.88 करोड़ रुपये विभिन्न मेट्रो लाइन पर खर्च की जाएगी। मेट्रो प्रोजेक्ट के बाद एमएमआरडीए ने मल्टी-रिंग रोड मास्टर प्लान नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 12,816.53 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बजट में प्राधिकरण ने जारी और प्रस्तावित टनल प्रोजेक्ट के लिए 5,543.51 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
तीसरी मुंबई के लिए भी विशेष प्रावधान
एमएमआरडीए ने बजट में मुंबई 3.0 के लिए भी विशेष प्रावधान किया है। मुंबई 3.0 में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए तीन स्थान पर ग्रोथ हब तैयार करने के लिए 4,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। करनाल-साई-चिरनेर (KSC) न्यू टाउन, जिसे “तीसरी मुंबई” (Third Mumbai) के रूप में विकसित किया जा रहा है के लिए 4,000 करोड़ रुपये, रायगड पेन ग्रोथ सेंटर के लिए 500 करोड़ रुपये, इंटीग्रेटेड बिजेनस पार्क के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
प्रदूषण को कम करने और एमएमआर में ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए बजट 250 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। यह रकम ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, एकीकृत कचरा प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग और मुंबई क्लाइगेट वीक पर खर्च होगी।
घर बनाने के लिए 731 करोड़ का बजट
एमएमआरडीए के बजट में पहली बार हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 731.33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एमएमआर की पानी समस्या दूर करने लिए 960.87 करोड़ रुपये रखा गया है। जल आपूर्ति के लिए यह रकम मीरा-भाईदर, वसई- विरार और पालघर के करीब की जल परियोजनाओं पर खर्च होगी।
स्मारक पर खर्च किए जाएंगे ₹571 करोड़
स्मारक तैयार करने के लिए एक साल में 571 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इंदु मिल में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक पर 400 करोड़ रुपये और बालठाकरे राष्ट्रीय स्मारक पर 171.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
वहीं, तकनीक के दौर में अपने आप को अपग्रेड रखने की भी व्यवस्था बजट में की गई है। 235.34 करोड़ रुपये तकनीक विकसित करने के लिए रखे गए है। इंटीग्रेटेड डिजिटल डिलीवरी प्रोग्राम, रीजनल इकॉर्मेशन सिस्टम और ईआरपी सिस्टम इस रकम से विकसित की जाएगी।
