नेटवर्क महानगर/मुंबई
बिहार विधान परिषद की 10 रिक्त सीटों पर गुरुवार, (11 जून) को भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह सहित सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए।नामांकन वापसी का आज अंतिम दिन था। सीटों के अनुपात में ही उम्मीदवार उतारे गए थे इसलिए निर्विरोध निर्वाचन हुआ और वोटिंग की नौबत नहीं आई।
भाजपा से पवन सिंह, संजय मयूख, शीला पंडित और अनिल ठाकुर, जेडीयू से भारती मेहता, निशांत कुमार, ललन प्रसाद, शिवानी देवी, लोजपा (रामविलास) से अशरफ अंसारी और आरजेडी से सुनील सिंह निर्विरोध चुने गए। इसके साथ ही अब तय हो गया है कि उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश की कुर्सी जाएगी। वे अभी बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं।
2032 तक होगा 9 एमएलसी का कार्यकाल
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चले जाने से खाली हुई सीट पर जेडीयू ने ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया था। उनका कार्यकाल 2030 तक रहेगा। इसके अलावा शेष 9 सीटों का कार्यकाल 2032 तक होगा। निर्विरोध जीत के बाद सभी प्रत्याशी सर्टिफिकेट लेने के लिए विधानसभा पहुंचे।
10 सीटों के लिए 10 उम्मीदवारों ने भरा था पर्चा
जानकारी के लिए बता दें कि यहां 10 सीटों पर ही चुनाव होना था। इसके लिए 10 उम्मीदवार मैदान में थे। जेडीयू और बीजेपी से चार-चार, लोजपा से एक और आरजेडी ने एक उम्मीदवार को उतारा था। सोमवार को सभी 10 प्रत्याशियों का नामांकन वैध पाया गया था। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई जिसमें सबके पर्चे सही पाए गए थे। अब नतीजों में सभी 10 उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत हो गई है।
अब दीपक प्रकाश का क्या होगा?
नतीजों के साथ ही यह सवाल उठने लगा है कि अब दीपक प्रकाश का क्या होगा? सम्राट सरकार में उन्होंने दो बार मंत्री पद की शपथ ली है। वे किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में सवाल है कि आगे कुशवाहा क्या कदम उठाएंगे? दीपक प्रकाश कब इस्तीफा देंगे?
