नेटवर्क महानगर/वाराणसी
शहर के बिजली विभाग में कार्यरत एक संविदाकर्मी लाइनमैन की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शनिवार, (27 जून 2026) की रात लाइनमैन भरतलाल, पांडेयघाट के पास मरम्मत के दौरान करंट की चपेट में आकर झुलस गए। सूचना मिलने पर पहुंचे सहकर्मियों ने उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, संविदा कर्मचारी लाइनमैन भरतलाल (40) भेलूपुर थाना क्षेत्र के भदैनी पावर हाउस में कार्यरत थे और वे अचानक करंट की चपेट में आ गए। उन्हें आनन-फानन मे मौके पर मौजूद लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं, भरत कुमार की बहन संगीता का आरोप है कि शुक्रवार की रात करीब 2:30 बजे परिवार को फोन पर मौत कि सूचना दी गई कि उनके भाई की करंट लगने से मृत्यु हो गई है। अस्पताल पहुंचने के बाद हमने अधिकारियों को फोन किया, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
संगीता का कहना है परिवार में इकलौते भरत ही थे, जो सबका भरण-पोषण कर रहे थे। उनकी असामयिक मौत से परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है। भरत की पत्नी चंदादेवी का कहना है कि वह शुक्रवार की रात को 11बजे घर से इमरजेंसी कहकर निकले थे। जैसे ही वह काम करने खंभे पर चढ़े, लाइट चालू कर दी गई, जिसकी वजह से वह करंट की चपेट में आ गए और नीचे गिर पड़े। गांव निवासी भरतलाल की मौत से सभी आहत हैं, पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
भरतलाल की मौत के बाद परिजनों और कर्मचारियों ने भदैनी उपकेंद्र पर शव रखकर करीब 2 घंटे प्रदर्शन किया। परिजनों ने शटडाउन के दौरान बिजली आपूर्ति बहाल होने से हादसा होने का आरोप लगाया। प्रदर्शन की सूचना पर भेलूपुर थाना प्रभारी दुर्गा सिंह मयफोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। काफी देर तक परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हुए। पुलिस की सूचना पर अधीक्षण अभियंता मौके पर पहुंचे और समझाकर लोगों को शांत कराया। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि इस मामले में भदैनी के जूनियर इंजीनियर (JE) नितेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। मृतक के परिजन के खाते में 10 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर भेजे गए हैं और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। तब जाकर परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए राजातालाब चले गए।

इसके पहले भरतलाल की पत्नी ने बताया कि उनकी ड्यूटी रात को 12:00 से सुबह 9:00 बजे तक थी। लेकिन उनके साथ काम करने वाले लोगों ने जान-बूझकर उनके साथ ऐसा किया है, क्योंकि वह उनसे परेशान थे। उन्होंने विभाग से यह भी मांग की है कि परिवार में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी, दस लाख रुपए मुआवजा दिया जाए, ताकि घर का खर्च और मृतक के दो बच्चों की पढ़ाई जारी रह सके।
इस मामले में एसडीओ शुभम जैन ने बताया कि परिवारजनों से मुलाकात की गई है, जो भी उनकी डिमांड है, उसे आला अधिकारियों तक पहुंचाया गया है। उचित कार्रवाई के साथ जो भी होगा, वह किया जाएगा। फिलहाल, इस मामले में अब तक परिवार की तरफ से कोई लिखित तहरीर पुलिस या विभाग को नहीं दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
राजातालाब थाना क्षेत्र के भैरोनाथ हरपुर के रहने वाले भरतलाल राजभर (40) शनिवार रात 2 बजे पांडेय घाट के समीप बिजली बनाते समय करंट की चपेट में आने से झुलस गए। सूचना पर भरतलाल की पत्नी चंदा देवी, बहन संगीता, पिता कल्लू सहित अन्य परिजन व ग्रामीण पहुंचे। सभी ने आरोप लगाया कि रात 11 बजे पावर हाउस पहुंचने के बाद भरत को बिजली बनाने के लिए खंभे पर चढ़ा दिया गया। कर्मचारियों की लापरवाही के कारण बिजली चालू कर दी गई और भरत की जान चली गई। ग्रामीणों ने आश्रित को नौकरी और पेंशन देने की मांग की। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर मौके पर भेलूपुर थाना प्रभारी सहित मौके पर भारी फाेर्स तैनात की गई। परिजनों की मांग थी कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य कन्हैयालाल राजभर ने बताया कि भरतलाल अत्यंत निर्धन परिवार से थे। उनके 75 वर्षीय पिता कल्लू प्रसाद राजभर ठेले पर सब्जी बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। भरत की मौत के बाद वृद्ध माता-पिता, पत्नी चंदा देवी और चार नाबालिग बच्चे बेसहारा हो गए हैं।
अब कइसे लड़किन क बियाह होई..!
बेटे की मौत पर विलाप करते पिता कल्लू प्रसाद राजभर ने कहा कि जवान बेटा चल गईल, अब कइसे लड़किन क बियाह होई..और फफक पड़े। इन्हें देख वहां मौजूद माता किसुना देवी, पत्नी चंदादेवी समेत सभी के आंखों से आंसू की धारा बह रही थी।
पिता कल्लू प्रसाद ने बताया कि वह गांव में ही सब्जी की दुकान लगाते हैं। उनके दो बेटे हैं, इनमें बड़ा बेटा शोभनाथ मजदूरी का काम करता है और पहले से ही अपना परिवार लेकर अलग रहता है। बाकी परिवार भरतलाल के साथ रहता है। भरतलाल संविदा पर लाइनमैन का काम करता था। उसकी पत्नी चंदा देवी गृहणी है। भरत की दो बेटियां नेहा (18) व आकांक्षा (16) हैं। दो बेटे हिमांशु (14) व शुभम (12) हैं। कल्लू प्रसाद ने बच्चियों की शादी की चिंता प्रकट की।
