नेटवर्क महानगर/ठाणे
ठाणे के कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के शास्त्रीनगर सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों से मारपीट का मामला सामने आया है। मारपीट का आरोप महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नगरसेवक रमेश म्हात्रे पर लगा है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में नगरसेवक म्हात्रे डॉक्टरों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे। इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए काम बंद कर दिया, जिससे अस्पताल का कामकाज ठप हो गया। यह कथित घटना मंगलवार, (7 जुलाई) की है। जब शिवसेना नगरसेवक रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों ने एक गर्भवती महिला को रेफर करने को लेकर हुए विवाद के बाद एक महिला डॉक्टर को थप्पड़ मारा और नर्सों की बेरहमी से पिटाई की।
अस्पताल के बाहर निकलो वरना तुम्हें खत्म कर दूंगा!
डॉक्टरों का आरोप है कि नगरसेवक म्हात्रे ने बिना पूरी जानकारी लिए डॉ. वैभव सालुंखे और डॉ. सृष्टि बाविस्कर के साथ गाली-गलौज की और मारपीट की।इस दौरान डॉ. वैभव सालुंखे घायल हो गए। यह पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। डॉक्टरों का यह भी आरोप है कि अस्पताल से निकलते समय डॉक्टरों और कर्मचारियों को धमकी देते हुए ये भी कहा गया कि अस्पताल के बाहर निकलो, वरना तुम्हें खत्म कर दूंगा!
अब इस मामले में शिवसेना नगरसेवक म्हात्रे को बुधवार, (8 जुलाई) को गिरफ्तार किया गया। ये अस्पताल महानगरपालिका की ओर से संचालित किया जाता है। म्हात्रे पर आरोप है कि सोमवार शाम अस्पताल में जब एक परिवार को नवजात शिशु को दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई तो म्हात्रे और उनके साथियों ने दो डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अब रमेश म्हात्रे की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर हमला बोल रहा है।
वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया गया। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी अतुल झेंडे ने भी कार्रवाई की पुष्टि की है।
आदित्य ठाकरे बोले- रमेश म्हात्रे को डिसक्वालीफाई किया जाए
घटना के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक आदित्य ठाकरे शास्त्री नगर अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी डॉक्टर पर हाथ उठाना बिल्कुल गलत है। आदित्य ठाकरे ने मांग की है कि रमेश म्हात्रे को डिसक्वालीफाई किया जाए और परेड भी निकले। उन्होंने आगे सवाल किया कि क्या राज्य के मुख्यमंत्री कार्रवाई कर पाएंगे? क्योंकि बीजेपी ने केंद्र से आदेश दिया है कि एकनाथ शिंदे को कोई हाथ ना लगाए। बीजेपी के पसंदीदा फेकनाथ मिंदे के नगरसेवक डॉक्टरों के साथ मारपीट करते हैं। वजह क्या थी कि एक महिला को डॉक्टर ने कहा कि उनके पास NICU बेड अभी उपलब्ध नहीं है, आप किसी और अस्पताल में शिफ्ट कर लें, लेकिन इनके नगरसेवक पहुंचकर डॉक्टर के साथ मारपीट करना शुरू कर देते हैं।
सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी की घटना की निंदा
इस पूरे मामले पर सांसद और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे डॉ श्रीकांत शिंदे ने भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि और डॉक्टर होने के नाते वे कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मजबूती से खड़े हैं। अस्पतालों में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सांसद श्रीकांत शिंदे ने साफ कहा कि पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अगर इस घटना में कोई पार्टी कार्यकर्ता दोषी पाया जाता है तो उसे पार्टी का संरक्षण नहीं मिलेगा। दोषियों के खिलाफ पार्टी स्तर पर भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का काम केवल नौकरी नहीं बल्कि मानवता की सेवा है। वे दिन-रात कठिन परिस्थितियों में भी मरीजों का इलाज करते हैं। ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह की हिंसा या अभद्र व्यवहार बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा, सम्मान और निर्भय होकर सेवा देने के अधिकार का सम्मान करें।
