राजेश जायसवाल/नयी दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, (23 जुलाई) को ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पीएम मोदी का यह ऐलान ‘कॉकरोच जनता पार्टी'(सीजेपी) और विपक्ष के प्रदर्शन के बीच आया है। सीजेपी पिछले 34 दिन से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वहीं, वरिष्ठ समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 26 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। वे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं और वहीं उनका इलाज चल रहा है।
NEET पेपर लीक राजनीतिक या दलगत मुद्दा नहीं: PM
पीएम मोदी ने X पर पोस्ट कर कहा- देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। देश में अब तक पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, इसलिए फैसला आने में कई साल लग जाते थे। अब प्रधानमंत्री ने इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, ताकि फैसला तेजी से हो सके। पीएम मोदी ने सभी संबंधित विभागों को मामले में अहम कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री ने 21 जुलाई को NDA संसदीय दल की बैठक में कहा कि NEET पेपर लीक की खबर मिलते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे, इसलिए दोबारा परीक्षा कराई गई और समय पर परिणाम भी घोषित किए गए। पीएम ने कहा कि आगे ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं और दोषियों को देश के शीर्ष वकीलों की मदद से कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे। उन्होंने आगे कहा कि NEET पेपर लीक कोई राजनीतिक या दलगत मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।
रोजाना होगी सुनवाई, 4 राज्यों में बनेंगी फास्ट-ट्रैक कोर्ट
इन मामलों में न्याय जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के लिए ये फास्ट-ट्रैक कोर्ट हर दिन सुनवाई करेंगी। वर्तमान में NEET पेपर लीक मामले में इस नए अधिनियम के तहत कुल चार मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का प्रस्ताव है। यहां बता दें कि दर्ज किए गए चार मामलों में से दो मामले अकेले बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
सीबीआई जल्द चार्जशीट करेगी दाखिल
NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई जल्द चार्जशीट दाखिल करेगी। सभी आरोपी फिलहाल जेल में है। सभी के खिलाफ सीबीआई ने पुख्ता सबूत जुटाए है और जल्द कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। कहा जा सकता है पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट में NEET लीक के आरोपियों को सजा दिलाने के फैसले के बाद सीबीआई अब एक्शन मोड में है।
क्या है यह नया कानून और कैसे NTA पर होगा लागू?
केंद्र सरकार ने यह सख्त नकल विरोधी कानून 21 जून 2024 को लागू किया था। इस कानून का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकना है। NTA द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी परीक्षाएं इस कानून के दायरे में आती हैं, इसलिए नीट परीक्षा में हुई किसी भी तरह की गड़बड़ी या पेपर लीक के मामले सीधे तौर पर इसी अधिनियम के तहत सुने जाएंगे।
इन बड़ी परीक्षाओं पर भी लागू होता है नियम?
NTA के अलावा, यह नया कानून कई अन्य प्रमुख भर्ती और प्रवेश परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं पर भी लागू होता है, जिनमें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS), केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों, संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षाएं और केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अन्य प्राधिकरण शामिल हैं।
साल 2000 में हुई फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत
भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत साल 2000 में हुई थी। इनका गठन 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर किया गया था। आयोग ने देशभर में 1734 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए स्पेशल फंड की अनुशंसा की थी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड भी बेहतर रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, रेप और POCSO मामलों के लिए बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2019 से 2025 तक 3.06 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया है।
इन अदालतों में मामलों के निपटारे का रेट 96.28% है, यानी जितने नए मामले आए, लगभग उतने ही मामलों का निपटारा भी हुआ। हालांकि, नए मामले लगातार दर्ज होने के कारण 2025 के अंत तक 2.45 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग थे, जबकि 2024 के अंत में यह संख्या 2.04 लाख थी।
नड्डा बोले- राहुल बताएं कांग्रेस सरकारों में पेपर लीक क्यों हुए?
दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राहुल बताएं जब कांग्रेस सरकारों में पेपर लीक होते हैं तब वे सवाल क्यों नहीं उठाते?
