नेटवर्क महानगर/वाराणसी
कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत लोहटिया इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां रविवार, (7 जून) की दोपहर लोहे के एक युवा कारोबारी विकास आनंद (34) ने अपनी ही दुकान के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद जब परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। विकास अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे, जिनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से पियरी के रहने वाले विकास आनंद की लोहे के चादर की दुकान लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर के सामने वाली गली में है। परिजनों के अनुसार, रविवार सुबह विकास रोजाना की तरह अपने घर से दुकान जाने की बात कहकर निकले थे। दोपहर तक जब वे घर नहीं लौटे और उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका, तो परिवार के सदस्य उनकी तलाश में दुकान तक पहुंचे तभी दुकान के अंदर का मंजर देखकर परिजनों के होश उड़ गए। विकास का शरीर फंदे से लटक रहा था। शोर सुनकर आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए। आनन-फानन में उन्हें फंदे से नीचे उतारा गया और गंभीर हालत में कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के बाद फारेंसिक टीम को बुलाया। रामनगर से पहुंची फारेंसिक टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य उठाए और मौके पर मौजूद नायलॉन की रस्सी भी साक्ष्य के तौर पर मौके से ली। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेजवा दिया। इंस्पेक्टर कोतवाली दयाशंकर सिंह ने बताया कि पुलिस परिजनों और आसपास के व्यापारियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर लेन-देन का विवाद किससे था और क्या उन पर कोई दबाव बनाया जा रहा था।
व्यापारिक लेन-देन बना मौत का कारण!
विकास के पिता जनार्दन स्वरूप आनंद ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा पिछले कुछ समय से व्यापारिक लेनदेन और पैसों के बकाया को लेकर काफी मानसिक तनाव में चल रहा था। शुरुआती जांच में पुलिस भी इस आत्महत्या के पीछे आर्थिक परेशानी और व्यापारिक दबाव को ही मुख्य कारण मान रही है। विकास अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनकी असमय मौत ने पूरे परिवार को हिलाकर कर रख दिया है। मंडलीय अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। लोहटिया जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र में इस घटना के बाद से अन्य दुकानदारों में भी शोक और हताशा का माहौल व्याप्त है।
तीन साल पहले हुई थी विकास की शादी!
पिता जनर्दन स्वरुप आनंद ने बताया कि विकास मेरा सबसे बड़ा लड़का था। अकेले दम पर वह लोहे का कारोबार करता था। आज उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया? इस बात की जानकारी किसी को नहीं है। विकास की तीन साल पहले शादी हुई थी, उनकी एक डेढ़ साल की छोटी बच्ची है। पति की मौत की खबर सुनकर पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
