नेटवर्क महानगर/वाराणसी
वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद ही हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां मंगलवार, (9 जून) की सुबह बाबतपुर-जौनपुर बाईपास मार्ग पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में पिता और 20 वर्षीय बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। बेटी का उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) में भर्ती होने का सपना था और पिता अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने के लिए जौनपुर जा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। हादसे में बाइक चला रहा उनका एक पड़ोसी भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रामनगर के रहने वाले पृथ्वीनाथ सोनकर (64 वर्ष) अपनी बेटी आंचल सोनकर (20 वर्ष) को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने के लिए बाइक से जौनपुर के परीक्षा केंद्र पर जा रहे थे। बाइक उनका पड़ोसी दिनेश सोनकर (24 वर्ष) चला रहा था। जैसे ही उनकी बाइक फूलपुर थाना क्षेत्र के बेलवा-नागपुर के बीच बाबतपुर-जौनपुर बाईपास पर पहुंची, तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों सड़क पर दूर जा गिरे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के बाद तीनों लहूलुहान हालत में सड़क पर तड़प रहे थे।
स्थानीय लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और घटना की सूचना तुरंत फूलपुर पुलिस को दी। सूचना मिलते ही फूलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने पृथ्वीनाथ सोनकर और उनकी बेटी आंचल सोनकर को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल दिनेश सोनकर को पहले दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया और वैधानिक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिवार को दे दी है। खबर मिलते ही सोनकर परिवार में कोहराम मच गया।
फूलपुर थाना पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा फोन पर दुर्घटना की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। दुर्घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश के लिए बाईपास मार्ग पर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाला जा रहा है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
भाई बोला- बहन पढ़ने में तेज थी, इसलिए पापा पढ़ा रहे थे..
आंचल के भाई निखिल ने बताया कि तीन बहनों में वह अकेला भाई है। बड़ी बहन इंद्रा की शादी हो चुकी है। आर्थिक रुप से मजबूत न होने के कारण पिता पृथ्वीनाथ के साथ निखिल भी पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करता है। बहन आंचल पढ़ने में तेज थी, यही कारण था कि पिता और हम लोग चाहते थे कि वह पढ़ लिखकर सरकारी नौकरी करे।
निखिल ने कहा- उसकी बहन रविवार को प्रवेश पत्र लेकर घर आई। सोमवार शाम हो घर में बात हो रही थी। कह रही थी कि नौकरी मिल जाएगी तो पापा मम्मी की गरीबी कट जाएगी। लेकिन नौकरी की चाहत ने मेरी बहन को हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली।
निखिल ने रोते हुए बताया कि हमें क्या पता था कि नौकरी की चाहत में मेरी बहन और पापा दोनों लोग हम लोगों का साथ हमेशा के लिए छोड़ देंगे।
निखिल ने बताया कि उसके पिता बाइक नहीं चला पाते थे। ऐसे में वह पड़ोसी और अपने दोस्त दिनेश सोनकर से बहन को परीक्षा दिलाने के लिए कहा। दिनेश, मेरे पिता और बहन आंचल को लेकर मंगलवार सुबह बाइक से जौनपुर में यूपी पुलिस की परीक्षा दिलाने के लिए निकले थे।
