नेटवर्क महानगर/वाराणसी
भारत की सांस्कृतिक राजधानी और धार्मिक नगरी ‘काशी’ को और अधिक स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने की दिशा में वाराणसी नगर निगम ने एक बेहद साहसिक और बड़ा निर्णय लिया है। अब शहर के भीतर की तंग गलियों और रिहायशी मोहल्लों में संचालित होने वाली मीट-मांस और मछली की दुकानें जल्द ही अतीत की बात हो जाएंगी। नगर निगम सदन ने इन सभी दुकानों को शहर की बाहरी सीमाओं पर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

मैदागिन स्थित टाउनहॉल भवन में शनिवार, (6 जून) को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित नगर निगम की साधारण सभा (सदन) की बैठक में इस ऐतिहासिक प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। बैठक में शहर के विकास, अतिक्रमण और जनहित से जुड़े कई अन्य अहम मुद्दों पर भी गर्मागर्म बहस के बाद रणनीतिक फैसले लिए गए।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को अवगत कराया कि मीट, मांस और मछली बाजारों को शहर से बाहर व्यवस्थित करने के लिए पहले चरण में पांच रणनीतिक स्थानों का चयन कर लिया गया है। शहर के भीतर चल रही दुकानों को अब रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा।
इससे पहले, सदन में पार्षद गुलशन अली ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि करीब एक साल पहले भी यह प्रस्ताव आया था, लेकिन इस पर प्रभावी अमल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सावन के महीने में शहर के भीतर दुकानें बंद होने से मीट व्यवसायियों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित होता है। इस पर नगर आयुक्त ने आश्वस्त किया कि बाहरी सीमा में जमीन चिह्नित हो चुकी है और जल्द ही इसे धरातल पर उतारा जाएगा।
राजस्व बढ़ाने के लिए मिट्टी की नीलामी और फ्लैट्स पर हाउस टैक्स का सुझाव
बैठक के दौरान भाजपा पार्षद दल के उपनेता सुरेश कुमार चौरसिया ने जलकल परिसर में सेटलिंग टैंक की सफाई से निकली करीब 40 हजार घन मीटर मिट्टी की बिक्री न होने पर चिंता जताई। इस पर महापौर ने जलकल जीएम अनूप सिंह को तुरंत इस मिट्टी की नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए ताकि निगम का राजस्व बढ़ सके। वहीं, पार्षद अशोक कुमार मौर्य ने निगम की आय बढ़ाने के लिए शहर में मौजूद अवशेष मल्टी स्टोरी बिल्डिंग और फ्लैट्स को गृहकर (हाउस टैक्स) के दायरे में लाने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया।
‘काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर’ के लिए नहीं टूटेगा जलकल का पुराना भवन
भेलूपुर में बनने वाले ‘काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर’ और कम्युनिटी पार्क को लेकर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन का संशय दूर किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वहां मौजूद जलकल के ऐतिहासिक पुराने भवन को ध्वस्त नहीं किया जाएगा और न ही पेयजल आपूर्ति की किसी पाइपलाइन या सेटलिंग टैंक से छेड़छाड़ होगी। यह पार्क सोलर पैनल वाले खाली पड़े स्थान पर विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, शिवपुर में फल व्यवसायियों के लिए करीब 500 दुकानों वाली एक आधुनिक फुटकर फल मंडी विकसित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई।
सदन में पार्षदों ने जनता से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों को जमकर घेरा!
तालाबों पर अवैध कब्जे और विकास कार्यों में पारदर्शिता पर हंगामा: पार्षद सिंधु सोनकर ने ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के पौराणिक तालाब और पार्षद मदन मोहन दुबे ने वार्ड-58 के सरकारी तालाब पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे का मुद्दा जोरशोर से उठाया और संबंधितों पर कार्रवाई की मांग की।
पारदर्शिता की मांग: पार्षद अनिल सोनकर, हारून अंसारी और राजकपूर चौधरी ने आरोप लगाया कि सामान्य और जलकल विभाग के जेई व अधिकारी ठेकेदारों से मिलकर बिना स्थल निरीक्षण के बिल पास कर रहे हैं, जिससे कार्यों की गुणवत्ता गिर रही है। उन्होंने मार्च 2025 से अब तक के कार्यों के वर्कऑर्डर की सूची मांगी।
मानसून से पहले सीवर, सड़क, खड़ंजा, पेयजल और कुओं की सफाई का मामला गरमाया
दो साल पहले पार्षदों की मांग पर सभी वार्डों की सफाई चौकी पर एक मिस्त्री और दो मजदूर के नियुक्त किए जाने की बात कही गई थी। इस निर्देश के बावजूद अभी तक किसी भी वार्ड में इसे पूरा न किए जाने पर नेता प्रतिपक्ष-सपा पार्षद अमरदेव ने प्रश्न पूछा और महापौर से इसकी जवाबदेही मांगी। जिस पर कार्यकारिणी सदस्य राजेश यादव ने खड़े होकर कहा कि कई वार्डों में कार्य हो रहा है, कुछ वार्डों में ही इसकी कमी है। जिस पर सपा पार्षद अमरदेव यादव नाराज हो गए और उनके साथ विपक्ष के पार्षदों ने भी हंगामा किया। अमरदेव यादव ने खड़े होकर राजेश यादव से कहा कि आप से नहीं महापौर जी से जवाब मांगा है। आप अमर यादव का जवाब नहीं देंगे, जिस पर बहस शुरू हो गई। जिसके बाद महापौर अशोक कुमार तिवारी ने हस्तक्षेप कर सभी को शांत कराया और कहा यह गलत बात है। ऐसे चिल्लाने से कुछ नहीं होगा। कार्य कराया जा रहा है जो सही नहीं हमसे कहिए। पार्टीगत होकर यहां कुछ नहीं कीजिए, सब जनता के सरोकार से जुड़ा है। वहीं सबके बैठने के बाद उन्होंने मामला हल्का करने की कोशिश की और कहा अब फोटो हो गई बैठ जाएं आप लोग। सपा पार्षद अमर देव यादव द्वारा वार्डों में तैनात लेबर-मिस्त्री की सूची न मिलने का मुद्दा उठाने पर नगर आयुक्त ने तीन दिन में पार्षदों को सूची उपलब्ध करने का भरोसा दिया।
कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी
उप सभापति नरसिंह दास द्वारा सदन के पटल पर रखे गए कई प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पास किया गया। इसमें ‘मुख्यमंत्री-ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम’ (CM-GRIDS) के तहत मिलने वाली धनराशि का आवंटन और छह प्रमुख सड़कों का मानक के अनुरूप निर्माण शामिल है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनाधिकृत रूप से लगाए गए होर्डिंग्स/संकेतों को हटाने और पार्षदों के लिए शैक्षिक यात्रा के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिली। संत शिरोमणि नरहरि महाराज जी (सोनार) की प्रतिमा स्थापना के मामले में उच्च न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन करने का निर्णय लिया गया।
ई-रिक्शा से सदन पहुंचे महापौर और नगर आयुक्त!
सदन की बैठक का सबसे प्रेरणादायक पहलू इसका पर्यावरण-अनुकूल संदेश रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण के आह्वान पर नगर निगम हर शनिवार को ‘नो फ्यूल डे’ मनाता है। इसी के तहत महापौर अशोक कुमार तिवारी, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल समेत कई पार्षद पेट्रोल-डीजल वाहनों को छोड़कर ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन से टाउनहॉल पहुंचे थे।
