अंतरराष्ट्रीय मल्लखंभ दिवस
- पारंपरिक भारतीय खेल को राज्य खेल का दर्जा देने की सरकार से मांग..
नेटवर्क महानगर/मुंबई
मल्लखंब भारत का एक पारंपरिक खेल है। इस खेल में शक्ति, सहनशक्ति, लचीलापन और एकाग्रता का अद्भुत मिश्रण है। इस प्राचीन कला का अभ्यास सदियों से भारत में किया जा रहा है, विशेष रूप से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में यह काफी लोकप्रिय है। इस खेल में खिलाड़ी खंभे या रस्सी पर चढ़ते हैं और विभिन्न प्रकार के आसन, संतुलन बनाने वाले करतब और शारीरिक कलाबाजियां करते हैं। इस खेल में शरीर के हर हिस्से की मांसपेशियों का उपयोग होता है, जिससे युवा खिलाड़ियों में जबरदस्त शारीरिक फिटनेस आती है। प्रत्येक वर्ष 15 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय मल्लखंब दिवस’ मनाया जाता है।
मुंबई के बोरिवली पश्चिम में 15 जून 2026 को 10वां अंतरराष्ट्रीय मल्लखंब दिवस (International Mallakhamb Day) मनाया जाएगा। दोपहर 4 से रात 8 बजे तक बीमानगर एज्युकेशन सोसायटी, शांति आश्रम बस डिपो के सामने मल्लखंभ कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
शुक्रवार, (12 जून) को मुंबई प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ‘मल्लखंब लव’ (Mallakhamb Love) संगठन के संस्थापक कोच आशीष देवल एवं संचिता देवल ने बताया कि बीमानगर एज्युकेशन सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में और संजय दळवी के मार्गदर्शन में इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय मल्लखंब दिवस का भव्य आयोजन एक अभिनव एवं विशेष रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की मिट्टी से जुड़े इस पारंपरिक और गौरवशाली खेल मल्लखंब को समर्थन देने तथा इसका प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने के लिए महाराष्ट्र के लोकप्रिय मराठी कलाकार एक मंच पर एकत्र होंगे और मल्लखंभ का आनंद उठाएंगे।
इस पहल के माध्यम से मल्लखंब को राज्य स्तर पर मान्यता दिलाने तथा राजनीतिक एवं शासकीय सहयोग प्राप्त करने के लिए जनजागरण और अपील की जाएगी। राजनीति, समाज, कला और खेल जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां कार्यक्रम में उपस्थित रहकर सहभागी कलाकारों का सम्मान करेंगी तथा राष्ट्रीय खिलाड़ियों को गौरवान्वित करेंगी।

इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री अविनाश महातेकर तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) की नगरसेविका एडवोकेट सीमा शिंदे ने ‘मल्लखंब’ को राज्य खेल का दर्जा देने की मांग राज्य सरकार से की है। उन्होंने कहा कि इस पारंपरिक भारतीय खेल को उचित सम्मान और सरकारी संरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से इसे बढ़ावा देने की अपील की है।
