नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे से शुक्रवार, (26 जून) को उनके निवास ‘शिवतीर्थ’ पर जैन समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और जैन-मराठी के बीच हो रही दूरी के लिए बिना शर्त माफी मांगी है। राज ठाकरे ने जैन समाज को धार्मिक कार्यों में ही ध्यान लगाने और अनायास राजनीतिक व्यक्तव्य न करने की अपील की।

बता दें कि मुंबई के मलाड में कुछ दिन पहले छत्रपति शिवाजी महाराज के जीरा शिखर पर जैन समुदाय का झंडा लगाने की घटना के बाद जैन समाज और मराठी समुदाय के बीच विवादित नोंकझोंक हुई थी। छत्रपति शिवाजी महाराज की जिरेटॉप पहने हुए प्रतिमा पर जैन समुदाय ने अपना झंडा फहराया था। इस घटना से ‘शिवप्रेमियों’ में बहुत नाराजगी और गुस्सा है। इसी पृष्ठभूमि में जैन समुदाय के मुख्य पदाधिकारियों और एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे से मुलाकात की। इस घटना के संबंध में जैन समुदाय की ओर से लिखित माफीनामा सौंपा गया।

इस मौके पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे ने मराठी पहचान का सम्मान करते हुए जैन समुदाय के प्रतिनिधियों को अपने खास अंदाज में हिदायत दी। जैन समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने इस घटना पर दुख जताते हुए साफ किया है कि उनका इरादा किसी भी समुदाय या छत्रपति शिवाजी महाराज की पहचान को ठेस पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे को यह भी भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी और सामाजिक सौहार्द बनाए रखा जाएगा।
आजकल, मुंबई में दुकानों के साइन या मराठी बोर्ड पर सफेद पट्टियां लगाने के मामले सामने आ रहे हैं। इससे जैन और मराठी समुदायों के बीच बेवजह विवाद पैदा हो रहा है। यह झगड़ा तुरंत खत्म होना चाहिए और मराठी अस्मिता का सम्मान बनाए रखना चाहिए।
