राजेश जायसवाल/पुणे
महाराष्ट्र के पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने आज पुणे में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और अपने बेटे के लिए न्याय की मांग की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से इस दुर्भाग्यपूर्ण हत्या मामले को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का आश्वासन दिया है। केतन के पिता ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से मांग की है इस मामले के दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि परिवार को न्याय दिलाने में कोई कोताही नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने अग्रवाल परिवार के सामने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह बहुत ही चौंकाने वाली घटना है, सोच से भी परे है। यह ऐसी घटना है जो हमें एक समाज के तौर पर, गंभीरता से सोचने पर मजबूर करती है। पढ़े-लिखे और अच्छे परिवारों के बच्चे ऐसी बुरी और नुकसान पहुंचाने वाली सोच क्यों अपना लेते हैं? इस सोच के पीछे क्या कारण हैं? हमें इस बारे में गहराई से सोचने की ज़रूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असल में, इस मामले को सिर्फ एक अपराध के तौर पर नहीं बल्कि समाज के नजरिए से भी देखना चाहिए। समाज को सोचना चाहिए कि कैसा माहौल और व्यवस्था बनाने की जरूरत है, ताकि इतनी कम उम्र में बच्चों में ऐसे क्रूर और बदले की भावना वाले विचार न आएं। यह घटना सच में बहुत चौंकाने वाली है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने मुलाक़ात कर इस मामले को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का आश्वासन दिया है। इस मामले में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्वल निकम को सरकार का पक्ष रखने के लिए अपॉइंट किया गया है। सीनियर वकील उज्ज्वल निकम भी इस मामले में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के तौर पर काम करने के लिए सहमत हो गए हैं।

केतन मर्डर केस में सिया का नया खुलासा?
वहीं, पुणे के 26 वर्षीय युवा व्यापारी केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले में हुई हत्या मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी ने कबूला है कि दोनों ने मिलकर केतन को मौत के घाट उतारने की साजिश रची थी। पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि साल 2025 की दिवाली के दौरान एक पार्टी में सिया और चेतन की पहली बार मुलाकात हुई थी। वहीं से दोनों के बीच दोस्ती शुरू हुई और फिर प्यार हो गया। हालांकि, सिया के घरवाले केतन से उसकी शादी तय कर चुके थे और खुद सिया भी केतन से शादी के लिए हामी भर चुकी थी। लेकिन चेतन से प्यार हो जाने के बाद सिया को उसका मंगेतर केतन रोड़ा लगने लगा। इसके बाद वह शादी से टालमटोल करने लगी। पुलिस का मानना है कि इसी दबाव और प्रेम संबंधों के चलते उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
केतन हत्याकांड की जांच में पुलिस को पता चला है कि एक कैफे में सिया और चेतन ने केतन की हत्या की साजिश रची थी। वहां सिया और चेतन के साथ उसका दोस्त नीरज भी मौजूद था। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश में नीरज का भी हाथ था या फिर उसकी जानकारी के बिना सिया-चेतन ने इस वारदात को अंजाम दिया। इसके लिए चेतन के दोस्त नीरज से भी पूछताछ की जा रही है। नीरज आरोपी चेतन की दुकान में काम करता है और बीते तीन साल से यहीं है। केतन अग्रवाल परिवार को शक है कि इस पूरी साजिश में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी चेतन ने हत्या वाले दिन (18 जून 2026) को वह कथित तौर पर नीरज का फोन अपने साथ लोहागढ़ किले पर लेकर गया था। पुलिस को शक है कि इसी फोन का इस्तेमाल कर चेतन ने कई बार सिया से संपर्क किया था। पुलिस ने देर रात तक सिया और चेतन से गहन पूछताछ की है। मामले के हर पहलू पर दोनों से सवाल-जवाब किए गए। जांच के दौरान पुलिस ने सिया और चेतन को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की, ताकि घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके। पुलिस इस मामले में चेतन की दुकान में काम करने वाले नीरज को अहम गवाह बनाने की तैयारी में है क्योंकि उसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वारदात के दिन चेतन ने अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ दिया था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। इसके बजाय उसने अपने दोस्त नीरज का फोन इस्तेमाल किया और उसी के जरिए वह सिया से संपर्क में था। आरोपी सिया ने केतन की हत्या की योजना पहले से ही बना रखी थी। केतन एक ट्रेकर था, इसलिए साजिश के तहत लोनावला स्थित लोहागढ़ किले को ट्रेकिंग लोकेशन के रूप में चुना गया, जहां उसे धक्का देकर हत्या करने की योजना बनाई गई थी।
मुझे उसका विग पहनना नहीं पसंद था!
सिया ने पुलिस को बताया कि केतन के सिर पर बाल नहीं थे और वो विग पहनता था और केतन का विग पहनना सिया को पसंद नहीं था। सिया ने पुलिस को बताया कि उसने केतन अग्रवाल से कहा था कि वह उससे शादी नहीं करना चाहती, सिया ने आगे दावा किया कि केतन अग्रवाल उससे कहता था कि अब बहुत देर हो गई है और बात बहुत आगे बढ़ चुकी है, अब कुछ नहीं हो सकता।
चेतन की नाराजगी पर सिया ने फाड़ा था पासपोर्ट!
पुलिस की पूछताछ में सिया ने बताया कि चेतन को पसंद नहीं था कि वो (सिया) केतन प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जाए। चेतन की नाराजगी देखते हुए सिया ने केतन का पासपोर्ट फाड़ दिया था। एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद केतन को जब उसका पासपोर्ट नहीं मिला तो उसे बाली ट्रिप कैंसिल करनी पड़ी थी।
सिया और प्रेमी चेतन के बीच 2004 कॉल्स, 238 घंटे बातें!
जानकारी के मुताबिक, केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से खाई में धक्का देकर मारने की आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसका प्रेमी चेतन चौधरी पिछले 6 महीने से लगातार संपर्क में थे। दोनों ने एक-दूसरे को 2004 बार फोन किया था और कुल 238 घंटे बातचीत की थी। दोनों के बीच फोन पर कई बार दो-तीन घंटे से ज्यादा भी बातचीत हुई। पुलिस को संदेह है कि सिया और चेतन के बीच इतनी ज्यादा बातचीत उस साजिश का हिस्सा थी, जिसके तहत 18 जून को केतन की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। घटना के दिन सिया (20) और चेतन (22) कथित तौर पर एक कैफे में मिले थे और केतन (26) को रास्ते से हटाने की साजिश को अंतिम रूप दिया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस साजिश में किले में एक ऐसी जगह की पहचान भी कर ली गई थी, जहां से केतन को खाई में धकेला जा सके।
सिया की बातों पर पुलिस ने क्या कहा?
लोनावाला पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया ने पुलिस को अब कहानियां सुनाना शुरू कर दिया है। पुलिस के पास दोनों यानी सिया और केतन के मोबाइल फ़ोन्स हैं जिसके मौजूद चैट्स इस कहानी के विपरीत दिखाई दे रहे हैं। चैट्स में दोनों एक आम कपल जो उनकी शादी से पहले प्यारी बात करते हैं वैसा नज़र आ रहा है। इसी वजह से पुलिस उसकी बातों पर विश्वास नहीं कर रही है।
पुलिस ने बताया कि सिया गोयल की गिरफ्तारी के बाद उससे मिलने परिवार का कोई नहीं आया। सिया के घर पर उसके माता-पिता और भाई रहते हैं पर कोई भी सिया से मिलने नहीं आया। पुलिस ने सिया के भाई को पुलिस स्टेशन बुलाकर हर एंगल से पूछताछ की है। वहीं, चेतन के घर से उसके पिता पुलिस स्टेशन आए थे अपडेट लेने के लिए।

सिया के पिता बोले- इससे दु:खद घटना कोई और नहीं हो सकती!
केतन हत्याकांड की आरोपी सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल का कहना है कि केतन को मारने वाला जो भी है, भले ही उनकी बेटी क्यों न हो, उसे भी वैसे ही मार दिया जाए। उन्होंने कहा कि ये बेहद दुखद घटना हुई है। हमें तो आज भी यकीन नहीं हो रहा है। उन्होंने अपना लड़का खोया है लेकिन उनसे ज्यादा प्यार मुझे केतन से था। इतना लगाव हो गया था जैसे मैं खुद उसे अपना बेटा समझने लगा था। इतना अच्छा लड़का आज हमने खो दिया उसके लिए हमें बेहद दुख है। घटना को लेकर पीड़ा यही है कि जिसने भी ये किया है उसे सख्त से सख्त सजा मिले और जैसे हमारा केतन जिस किले से गिरा है वैसे ही इस हत्या में जो भी आरोपी पाया जाए वो भले मेरी खुद की बेटी क्यों न हो उसे भी वहीं से धक्का दे दिया जाए।
प्रवीण ने आगे कहा कि एक पिता के तौर पर कहूंगा कि जो पहाड़ अग्रवाल परिवार पर टूटा है इससे दुखद घटना कोई और नहीं हो सकती। दोनों की शादी को लेकर हमें बहुत उम्मीदें थीं। जबसे रिश्ता हुआ था ‘सिया’ हमेशा खुश रहती थी। कहती थी कि केतन इतना अच्छा है। मुझे इतने अच्छे सास-ससुर और ननद मिली। मैं बहुत खुश हूं…केतन के पिता ने बातें छिपाने वाले आरोपों पर कहा कि अगर उन्हें पता था तो हमें बता देते शायद आज ये दिन देखना नहीं पड़ता।
सिया के चेतन से प्रेम संबंधों पर पिता क्या बोले?
सिया के पिता प्रवीण गोयल ने चेतन के साथ उसके संबंधों को लेकर कहा कि हमें इसकी कुछ जानकारी नहीं थी। सिया एक 19 साल की सिंपल लड़की है। 19 साल की लड़की क्या ऐसा कर सकती है? मुझे कुछ नहीं पता कि चेतन कहां से आया और न तो मैंने कभी उसका चेहरा देखा और न कभी उससे बात हुई। हमने कभी उसका नाम भी नहीं सुना था। उन्होंने केतन के परिवार को लेकर कहा, वे अच्छे और संस्कारी लोग हैं। हमारा मिलना-जुलना सालों से है। उन जैसी रिश्तेदारी हमें नहीं मिल सकती। हमने तो आज एक बेटा और अच्छी रिश्तेदारी खोई है। अगर सिया ने केतन को अपने अफेयर के बारे में बताया था तो उन्हें अपने परिवार को बताना चाहिए था और उनके जरिए हमें भी बताना चाहिए था।
29 जून तक पुलिस कस्टडी
फिलहाल, पुणे की एक अदालत ने मंगलवार को सिया और उसके प्रेमी चेतन को 29 जून तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया। यह मामला महिला के मंगेतर की कथित हत्या से जुड़ा है, जिसकी मौत पिछले हफ़्ते लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान गलती से गिरने से हुई बताई गई थी। पुणे ग्रामीण पुलिस ने पिंपरी-चिंचवड के रियल-एस्टेट बिज़नेसमैन 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की कथित हत्या के आरोप में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ़्तार किया और उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया।
