नेटवर्क महानगर/मुंबई
डोंबिवली स्थित कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट के मामले में कल्याण की अदालत ने शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के नगरसेवक रमेश म्हात्रे और तीन अन्य सह आरोपियों को 13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। अदालत ने साथ ही पुलिस को निर्देश दिया कि हिरासत के दौरान रमेश म्हात्रे का हर छह घंटे में मेडिकल परीक्षण कराया जाए, क्योंकि रिमांड सुनवाई के दौरान उनके वकील ने उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला दिया था।
यह मामला सामने आने के बाद पूरे महाराष्ट्र के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। सरकारी अस्पताल के भीतर डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट की घटना ने चिकित्सा समुदाय में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना मंगलवार देर रात डोंबिवली के सरकारी शास्त्रीनगर अस्पताल में हुई। आरोप है कि नगरसेवक रमेश म्हात्रे के साथ कुछ लोगों ने अस्पताल परिसर में घुसकर डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके साथ मारपीट की। घटना के दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद विष्णुनगर पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एक महिला सहित पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है। भौगोलिक संदर्भ जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी रमेश म्हात्रे और अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया। शुक्रवार को सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने आगे की जांच के लिए उनकी रिमांड की मांग की।
