Sharad Pawar News
नेटवर्क महानगर/मुंबई
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एस-पी ) के अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार की कृषि लोन माफी योजना के लिए पात्रता नियमों में बदलाव के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से बड़ी संख्या में किसान योजना के लाभ से बाहर होने से बच जाएंगे और उन्हें आर्थिक राहत मिल सकेगी। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने जारी एक बयान में कहा कि राज्य सरकार ने लगातार प्राकृतिक आपदाओं और कृषि उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट के कारण किसानों को राहत देने के उद्देश्य से लोन माफी योजना की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि खेती लगातार संकटों से गुजर रही है और ऐसे समय में किसानों को आर्थिक सहायता की जरूरत है।
पवार ने बताया कि योजना की शुरुआती व्यवस्था में कुछ ऐसे नियम शामिल किए गए थे, जिनके कारण कई किसान लाभ पाने से वंचित हो सकते थे। खासतौर पर उन किसानों के लिए पात्रता से जुड़ी सीमाएं तय की गई थीं, जिन्होंने 2018-19 की लोन माफी योजना का लाभ पहले लिया था। उन्होंने कहा कि यदि पुराने लाभार्थियों को नई योजना से बाहर रखा जाता तो बड़ी संख्या में जरूरतमंद किसान इस राहत से वंचित रह जाते। इसलिए पात्रता नियमों को सरल बनाने का फैसला किसानों के हित में है।
किसानों की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए वरिष्ठ मराठा नेता शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के किसान पिछले कई वर्षों से विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मौसम में लगातार बदलाव, बेमौसम बारिश, सूखा, फसल नुकसान और बाजार में कृषि उत्पादों की कम कीमतों ने किसानों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि कई किसानों को खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी और सिंचाई जैसी बढ़ती लागत के कारण किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लोन माफी जैसी योजनाएं किसानों को तत्काल राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सरकार के फैसले से राहत की उम्मीद पवार ने कहा कि पात्रता नियमों में बदलाव से अब अधिक किसान योजना के दायरे में आ सकेंगे। इससे उन किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है, जो पहले बनाए गए नियमों के कारण योजना से बाहर हो रहे थे। उन्होंने सरकार के इस फैसले को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि किसानों को राहत देने वाली योजनाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना होना चाहिए। किसी भी प्रकार की जटिल शर्तें किसानों के लिए परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए।
कृषि संकट को लेकर उठाए सवाल एनसीपी प्रमुख ने राज्य में कृषि क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केवल कर्ज माफी से किसानों की सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। किसानों को स्थायी राहत देने के लिए फसल को उचित मूल्य, बेहतर बाजार व्यवस्था, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और कृषि लागत को नियंत्रित करने जैसे कदम भी जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए दीर्घकालिक नीतियां तैयार करनी चाहिए।
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसान महाराष्ट्र के कई इलाकों में हाल के वर्षों में बारिश, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। पवार ने कहा कि ऐसे हालात में किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है। एक ओर उत्पादन प्रभावित होता है, वहीं दूसरी ओर बाजार में उचित कीमत नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा घोषित राहत योजनाओं का लाभ समय पर और बिना कठिन प्रक्रिया के किसानों तक पहुंचना चाहिए। राजनीतिक नजरिए से भी अहम फैसला महाराष्ट्र में किसानों का मुद्दा हमेशा से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में कृषि लोन माफी योजना के नियमों में बदलाव को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दलों के बीच प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
पवार का समर्थन इस फैसले को किसानों के मुद्दे पर सरकार के प्रति नरम रुख के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि किसानों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए व्यापक कदम उठाने की आवश्यकता है। फिलहाल, सरकार के फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि बड़ी संख्या में किसान इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। पात्रता नियमों में बदलाव से उन किसानों को राहत मिलने की संभावना है, जो पहले तकनीकी कारणों से योजना से बाहर हो सकते थे।
