नेटवर्क महानगर/मुंबई
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल ने रविवार, (30 अगस्त) को अपने संसदीय क्षेत्र में एक सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य स्थानीय निवासियों को स्वच्छ शौचालय, स्नान, लॉन्ड्री और शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर उत्तर मुंबई में ऐसे 100 सुविधा केंद्र बनाए जा सकते हैं, ताकि हर व्यक्ति को इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।
सांसद पीयूष गोयल उत्तर मुंबई के दहिसर पूर्व स्थित सावरपाड़ा में नए सुविधा केंद्र के उद्घाटन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। यह केंद्र कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड्स के माध्यम से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर बनाया गया है। इसमें हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, एचएसबीसी इंडिया, जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन और बृहन्मुंबई महानगरपालिका की भागीदारी रही है।
श्री गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 के पहले स्वतंत्रता दिवस संबोधन को याद किया, जिसमें उन्होंने माताओं और बहनों को खुले में शौच के लिए जाने की समस्या को देश के सामने रखा था। उन्होंने कहा कि इसने देश की सोच को बदला और आज भारत के लोग मानते हैं कि अच्छा शौचालय हर व्यक्ति का अधिकार है। प्रधानमंत्री द्वारा इस विषय पर चिंता व्यक्त किए जाने के बाद देश में 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए हैं। आज मुझे खुशी है कि मुंबई का 26वां सुविधा केंद्र सावरपाड़ा में शुरू हुआ है। हम अपने लोगों को आधुनिक और स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

सावरपाड़ा सुविधा केंद्र में 29 टॉयलेट सीट, छह लॉन्ड्री मशीनें और जल शुद्धिकरण की सुविधा है। यह केंद्र पांच सदस्यों वाले परिवार को 150 रुपये प्रति माह में असीमित शौचालय उपयोग की सुविधा देता है। यहां आरओ-फिल्टर्ड पेयजल 1 रुपये प्रति लीटर और 7 किलो कपड़ों की लॉन्ड्री सुविधा 70 रुपये में उपलब्ध है। इससे प्रत्येक सुविधा केंद्र लगभग नौ महीने में संचालन स्तर पर आत्मनिर्भर हो जाता है। इस सुविधा केंद्र को टिकाऊ डिजाइन सिद्धांतों के आधार पर बनाया गया है, जिसमें ग्रीन स्टील और ग्रीन सीमेंट, रूफटॉप सोलर और ग्रेवॉटर रिसाइक्लिंग का उपयोग किया गया है। बाढ़ से सुरक्षा के लिए इस केंद्र को 3 फीट ऊंचा बनाया गया है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसमें प्रधानमंत्री ने रामपुर के पटवाई गांव का उदाहरण दिया था। वहां युवाओं की एक टीम ने अपने क्षेत्र की सफाई की पहल की, गंगा घाटों से कई टन प्लास्टिक हटाया और जलाशयों की सफाई की।उन्होंने क्षेत्र के युवाओं से अपील की कि वे पटवाई गांव के उदाहरण से प्रेरणा लें और अपने क्षेत्र की सफाई के लिए टीम बनाएं। उन्होंने कहा कि उत्तर मुंबई में नौ तालाबों की सफाई का कार्य किया जा रहा है। इनमें से एक तालाब की सफाई और सौंदर्यीकरण हो चुका है और अगले तालाब पर काम जल्द शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि इस पहल में कॉरपोरेट सेक्टर भी सहयोग कर रहा है। सुविधा केंद्रों का निर्माण करने वाली टीम हर वर्ष 6 लाख लोगों को यह सुविधा उपलब्ध कराती है। उन्होंने 33,500 करोड़ रुपये सालाना की अनुमानित बचत का आकलन किया है। श्री गोयल ने कहा कि ऐसे और भी केंद्र बनाए जाने चाहिए। उत्तर मुंबई में पहले स्थापित सुविधा केंद्र का संचालन अच्छी तरह हो रहा है और प्रतिदिन 1,500 से अधिक लोग इसका उपयोग कर रहे हैं। इसे स्थानीय लोग स्वयं चला रहे हैं, जिसमें महिलाओं के स्वयं सहायता समूह की भूमिका है। इसी तरह नया सुविधा केंद्र भी 24 घंटे कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि बहनों को इस सुविधा केंद्र को चलाना चाहिए और इसकी देखभाल अपने घर की तरह करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर मुंबई के हर व्यक्ति को ऐसी सुविधाओं तक पहुंच मिलनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर वे 100 सुविधा केंद्र बनाने के लिए तैयार हैं।
