नेटवर्क महानगर/लखनऊ
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार, (30 अगस्त) को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के तहत ईमानदार अधिकारियों पर ‘अनैतिक और अवैध’ काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। अखिलेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अधिकारियों पर कथित दबाव के कई तरीकों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को कमीशन के जरिए भ्रष्टाचार करने, भाजपा कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए निविदाओं में हेरफेर करने, तबादलों और तैनातियों को कारोबार बनाने तथा चंदा रसीद के जरिए वसूली में मदद करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करने, हिरासत में मौत के मामलों को दबाने, राजनीतिक विरोधियों की फर्जी मुठभेड़ कराने और मुठभेड़ की धमकी देकर धन उगाही करने के लिए भी अधिकारियों पर दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समुदायों के खिलाफ अत्याचार के मामलों को छिपाने, कारोबारियों से वसूली करने, दुष्कर्म और अपहरण के मामलों को दबाने तथा भाजपा कार्यकर्ताओं के कथित अतिक्रमण को नजरअंदाज करने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार अधिकारियों पर राज्य की सीमाओं के पार सामानों की आवाजाही में मदद करने, मिलावटी उत्पादों को असली बताने और किसानों, मजदूरों, महिलाओं तथा युवाओं के कथित उत्पीड़न को नजरअंदाज करने का दबाव डाल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों से छुआछूत के मामलों को दबाने, मंदिरों में चोरी (अयोध्या) के मामलों में प्राथमिकी दर्ज नहीं करने और प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए मामले छिपाने को कहा जा रहा है। अखिलेश ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- ऐसे अनगिनत मामले हैं, जहां भाजपा सरकार अधिकारियों पर अनैतिक और अवैध कार्य करने का दबाव बनाती है, जिसके कारण उन्हें इस्तीफा देने तक के लिए मजबूर होना पड़ता है। अखिलेश ने कहा, ईमानदार अधिकारियों के बिना शासन-प्रशासन नहीं चल सकता। सपा प्रमुख की यह टिप्पणी 2013 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा रविवार को सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा के बाद आई है। इससे पहले यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश ने कहा था कि सरकार अपनी छवि सुधारने के लिए 7,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है और सच्चाई यह है कि अगर भाजपा सरकार 70,000 करोड़ रुपये भी खर्च कर दें, तो भी उनकी छवि सुधरने वाली नहीं है।

एक लाख नौकरियों के ऐलान पर कसा तंज- चुनाव से पहले याद आई युवाओं की चिंता!
अगले कुछ महीनों में एक लाख युवाओं को नौकरी दिए जाने के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि यह घोषणा विधानसभा चुनावों से कुछ ही महीने पहले की जा रही है, जबकि जल्द ही आचार संहिता लागू होने वाली है। अखिलेश यादव ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अब जब विधानसभा चुनाव में कुछ ही दिन बचे हैं, तो कहा जा रहा है कि एक लाख नौकरियां दी जाएंगी। जनवरी के बाद आचार संहिता लागू हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित हैं। सपा प्रमुख ने भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल ने गरीबों को निराश किया है। अखिलेश ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग मंदिरों के बाहर भीख मांगने को मजबूर हैं, वहीं कुछ लोग मंदिरों के अंदर से ही चोरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों के बाहर बड़ी संख्या में लोग दान मांगते दिखाई देते हैं, लेकिन कोई भिखारी भी मंदिर के अंदर से चोरी नहीं करता।
