नेटवर्क महानगर/मुंबई
हिंदू परंपरा और सनातन संस्कृति में कलश यात्रा को समृद्धि, मंगल और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। सामाजिक एकता, धार्मिक चेतना और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से सायन-कोलीवाड़ा स्थित मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर की ओर से शनिवार,10 अक्टूबर को भव्य कलश यात्रा एवं मातृ शक्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
इस पावन अवसर पर क्षेत्र की हजारों महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो नारी शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनेगी। इसका उद्देश्य साफ है कि समाज की सांस्कृतिक रक्षा और संस्कारों का संवहन मातृशक्ति के बिना अधूरा है।
मां विंध्यवासिनी मित्र मंडल के अध्यक्ष भरत शुक्ला के अनुसार, यह कलश यात्रा कोकरी आगार, अंटॉपहिल चर्च नाका के पास स्थित श्री शीतला माता मंदिर से शनिवार दोपहर 3 बजे से प्रारंभ होगी और न्यू 90 फिट रोड, म्हाडा 29 कॉलोनी स्थित मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर पर जलाभिषेक के साथ इसका समापन होगा। समापन के पश्चात यात्रा में शामिल सभी महिलाओं का ‘मातृ शक्ति सम्मान’ भी किया जाएगा। भरत शुक्ला ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी बंधुओं और मातृशक्ति से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य के भागीदार बनें।
