अभिनय जायसवाल/वाराणसी
पीएम सीटी वाराणसी से रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां जीएसटी विभाग की भ्रष्ट डिप्टी-कमिश्नर अंबिका सिंह को 50 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए यूपी एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
दरअसल, इस जीएसटी महिला अधिकारी पर आरोप लगे हैं कि यह स्थानीय व्यापारियों और संबंधित अधिकारियों से भी जीएसटी रिटर्न और कंपनी की फाइल के निपटारे के नाम पर बड़ी रिश्वत लेती है। इसकी शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन विभाग ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। आश्चर्य की बात तो यह है कि अपनी गिरफ्तारी से बौखलाई डिप्टी-कमिश्नर अंबिका सिंह ने मौके से भागने की कोशिश और महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई भी की। इसके बाद विजिलेंस टीम उसे हिरासत में लेकर सरकारी वाहन में बैठाकर थाने पहुंची। यह कार्रवाई बुधवार, (15 जुलाई 2026) की शाम करीब 6:30 बजे भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित जीएसटी कमिश्नर कार्यालय के पास ‘दादा रेस्टोरेंट’ के पास की गई। इस दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की काफी भीड़ जुट गई। अंबिका ने आसपास जुटी भीड़ से बचाने भी की गुहार लगाई और राहगीरों से गलत तरीके से फंसाए जाने की बात कहती रहीं। वहीं, इस कार्रवाई के बाद पूरे महकमें में हड़कंप मच गया है।
कैसे हुई करवाई और क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जिले के बजरडीहा निवासी अजय कुमार मौर्य ‘ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक हैं। उन्होंने फरवरी 2023 का जीएसटी (GST) रिटर्न समय पर दाखिल किया था, लेकिन कुछ आपत्तियों के चलते उनकी फाइल दोबारा जांच के लिए जीएसटी कार्यालय पहुंची। आरोप है कि इसी फाइल के निस्तारण और टैक्स से जुड़े मामले को मंजूरी देने के एवज में डिप्टी कमिश्नर अंबिका ने 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
व्यापारी ने पहले रिश्वत देने से इनकार किया, लेकिन दबाव के बाद उन्होंने विजिलेंस विभाग से संपर्क किया। शिकायत मिलने पर विजिलेंस टीम ने प्राथमिक जांच की, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। बुधवार की शाम शिकायतकर्ता अजय कुमार मौर्य ने अंबिका सिंह से नकद रकम लेने के लिए भेलूपुर स्थित ‘दादा रेस्टोरेंट’ में आने का आग्रह किया, जिसके बाद जैसे ही उसने रेस्टोरेंट के अंदर 50 हजार रुपये वाला लिफाफा हाथ में लिया और बाहर निकलने लगीं, तभी वहां पहले से सिविल ड्रेस में मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। डिप्टी कमिश्नर की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अब उनके द्वारा पूर्व में निस्तारित अन्य फाइलों की भी जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य मामलों में भी अनियमितता तो नहीं हुई। बताया जा रहा है कि अंबिका सिंह फतेहपुर जिले के धाता थाना क्षेत्र की निवासी हैं।
गिरफ्तार करने का वीडियो वायरल
महिला अधिकारी अंबिका सिंह को सड़क पर गिरफ्तार करने का वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में चार महिला दरोगा सिविल ड्रेस में घूसखोर अधिकारी को काबू करने की कोशिश करती नजर आ रही हैं। इस दौरान भ्र्ष्ट अधिकारी अंबिका सिंह द्वारा गिरफ्तारी का विरोध भी जताया जा रहा है। फिलहाल, इस मामले को लेकर वाराणसी जनपद में गली-चौराहे पर भी खूब चर्चा हो रही है कि रिटर्न फाइल के नाम पर जीएसटी ऑफिसर इस प्रकार का भ्रष्टाचार कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए हेल्पलाइन
विजिलेंस विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत विभाग के हेल्पलाइन नंबर 9454401866 और 9454401222 पर निडर होकर दर्ज कराई जा सकती है।
