Devendra Fadanvis
नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भिवंडी के बालाजी नगर-गंगाराम वाड़ी स्थित चार मंजिला इमारत ‘कोहिनूर अपार्टमेंट’ गिरने की घटना पर गहरा दु:ख जताते हुए कहा कि लोगों की जान बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सी-1 कैटेगरी की जर्जर और खतरनाक इमारतों को खाली कराने के लिए प्रशासन को अधिक प्रभावी ढंग से काम करना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग भी किया जा सकता है। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि जिस इमारत के गिरने से नौ लोगों की मौत हुई, उसे सी-1 कैटेगरी में रखा गया था। इसका मतलब है कि वह इमारत रहने के लिए पूरी तरह असुरक्षित थी।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। स्थानीय महानगरपालिका आयुक्त ने मुझे बताया कि करीब 25 लोगों को पहले ही इमारत से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। इसके बावजूद ठेकेदार ने मरम्मत का काम जारी रखा, जिसके बाद यह हादसा हो गया।
फडणवीस ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। साथ ही उन्होंने भिवंडी निजामपूर शहर महानगरपालिका के आयुक्त को संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सी-1 कैटेगरी की इमारतें अत्यंत खतरनाक होती हैं और उनमें रहना सुरक्षित नहीं होता। उन्होंने कहा, जीवन सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसी जर्जर इमारतों में रहने वाले लोगों को अधिक समझाइश और सख्ती के साथ बाहर निकाला जाना चाहिए। यदि जरूरत पड़े तो लोगों की जान बचाने के लिए सीमित बल प्रयोग भी किया जा सकता है। हालांकि, अदालत के कुछ निर्देश हैं, लेकिन मेरा मानना है कि लोगों की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
ठाणे जिले के उपजिलाधिकारी संदीप माने ने बताया कि सभी शवों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। शवों को इंदिरा गांधी अस्पताल भेजा गया है। मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। अग्निशमन दल को संकरी गलियों के कारण राहत कार्य शुरू करने में कठिनाई हुई। जेसीबी की मदद से पहले रास्ते में स्थित एक पुरानी चॉल को हटाया गया, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू हो सका। घटनास्थल पर एक डॉग स्क्वॉड, चार फायर इंजन, दो एम्बुलेंस और भारी अर्थ-मूविंग मशीनरी तैनात की गई है।
वहीं, भिवंडी निजामपूर शहर महानगरपालिका के सहायक आयुक्त अरविंद घोगरे ने बताया कि ‘कोहिनूर अपार्टमेंट’ का निर्माण 2012 में हुआ था। इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका था और महानगरपालिका ने नोटिस भी जारी किया था। इमारत के एक विंग के भूतल पर क्षतिग्रस्त पिलरों की मरम्मत का काम चल रहा था और देर रात इमारत भरभराकर गिर गई।
