Mumbai Maharashtra Crime News
नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। कायतकर्ता संतोष गणपतराव खरपुड़े की शिकायत पर आरोपी निलेश काशीराम राठोड (33) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोपी ने युवाओं से 5 लाख से 15 लाख रुपये तक की रकम लेकर नकली मेडिकल टेस्ट और अपॉइंटमेंट लेटर दिए। आरोपी नीलेश अकोला के बोरमली, बार्शी का रहने वाला है। वह पहले सीआईएसएफ में कार्यरत था, लेकिन बर्खास्त हो चुका है। अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 2022 से सैकड़ों युवाओं को इसी तरह से ठगा है।
2 करोड़ से ज्यादा की ठगी!
मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच के मुताबिक, ठगी की रकम 2.88 करोड़ रुपये है, लेकिन यह आंकड़ा 10 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकता है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। दिल्ली के द्वारका मोड इलाके से एक अक्टूबर को आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
इस कार्रवाई में सहायक पुलिस निरीक्षक नितीन पवार, पुलिस हवलदार मंदार राणे और पुलिस सिपाही सचिन निकम शामिल थे। आरोपी के खिलाफ मुंबई, पुणे, अकोला, नवी मुंबई समेत कई थानों में मामले दर्ज हैं और वह सभी थानों में फरार आरोपी था। अब तक 60 से अधिक नागरिकों ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने ठगी से मिले पैसे का उपयोग व्यक्तिगत विलासिता और दो मराठी फिल्मों के निर्माण में लगाया है।
मुंबई पुलिस ने की ये खास अपील?
मुंबई पुलिस ने अपील की है की जिन्हें भी निलेश राठोड ने नौकरी का झांसा देकर ठगा है, वे तुरंत मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से संपर्क करें। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों निशीथ मिश्र, निमित गोयल, राजेश ओझा, संजय मराठे, नितीन पाटील और प्रशांत जाधव के मार्गदर्शन में की गई। आरोपी नीलेश ने दो फिल्में बनाई हैं। पहली फिल्म सुपरहिट रही थी। अब वह दूसरी फिल्म अपनी बेटी सानवी के नाम से बने प्रोडक्शन हाउस से रिलीज कर रहा है। पीड़ितों ने लोगों से इस फिल्म का विरोध करने की भी अपील की है।
