Harshwardhan Sapkal
नेटवर्क महानगर/मुंबई
देशभर में ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और ”जामताड़ा” रैकेट इसके लिए कुख्यात है। लेकिन जामताड़ा की तरह ही महाराष्ट्र में भी फर्जी कॉल सेंटरों के माध्यम से दुनियाभर के नागरिकों को ठगकर सैकड़ों करोड़ रुपये का गोरखधंधा चल रहा है। यह गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि इस मामले में आईपीएस अधिकारी दत्ता कराले और दो पुलिस अधीक्षकों की भी संलिप्तता है। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय की छठी मंजिल से संरक्षण मिले बिना इतने बड़े पैमाने पर फर्जी कॉल सेंटर और धन की हेराफेरी संभव ही नहीं है।
गुरुवार, (16) अप्रैल को गांधी भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस नेता सपकाल ने कहा कि तथाकथित ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात के साथ आईपीएस अधिकारी एवं वर्तमान में नाशिक के डीआईजी दत्ता कराले के संबंधों के वीडियो हाल ही में मीडिया में सामने आए हैं। हमें जानकारी मिली है कि कराले और पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल तथा सोमनाथ घार्गे का भी इस फर्जी कॉल सेंटर रैकेट से संबंध है।
सीबीआई द्वारा 8 अगस्त 2025 और 11 सितंबर 2025 को दर्ज एफआईआर के अनुसार, नाशिक और इगतपुरी में छापेमारी कर इस रैकेट को चलाने वालों को गिरफ्तार किया गया। बड़ा सवाल यह है कि सीबीआई को इगतपुरी में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर की जानकारी मिली और उसने कार्रवाई की, लेकिन महाराष्ट्र पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? इसका जवाब महाराष्ट्र पुलिस के मुखिया को देना चाहिए।
क्या सीएम लेंगे गंभीर संज्ञान?
हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि सीबीआई महाराष्ट्र फर्जी कॉल सेंटर मामले की जांच कर रही है। मेरा सवाल यह है कि राज्य के मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस क्या इस मामले में सीबीआई से जानकारी लेकर उच्चस्तरीय जांच कर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे या हमेशा की तरह ‘क्लीन चिट’ देंगे, इससे पहले कराले सहित ये दोनों अधिकारी ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों में कार्यरत थे। उस समय भी वहां ऐसे कॉल सेंटर चल रहे थे। पुलिस ने छापा मारकर संदीप सिंह और विशाल यादव नामक आरोपियों पर मामूली कार्रवाई कर उन्हें छोड़ दिया। बाद में जब इन तीनों अधिकारियों की पोस्टिंग नाशिक क्षेत्र में हुई, तब इन्हीं आरोपियों की मदद से फिर से कॉल सेंटर शुरू किए जाने की जानकारी मिली है। खास बात यह है कि ये सभी आरोपी ठाणे, रायगड और पालघर के निवासी है।
हर्षवर्धन सपकाल के सवाल?
सीबीआई मुंबई की एंटी करप्शन ब्रांच के अधीक्षक अमित वसावा द्वारा 11 सितंबर 2025 को दर्ज एफआईआर के अनुसार, फर्जी कॉल सेंटर को सुचारू रूप से चलाने के लिए आरोपी गणेश कामनकर और उसके भाई द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को नकद, सोना और क्रिप्टो करेंसी के रूप में भारी रिश्वत दी जा रही थी, राज्य सरकार को इसकी पूरी जानकारी होने के बावजूद इन अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात, आईपीएस दत्ता कराले और इस रैकेट से जुड़े काले धन की पूरी जांच जरूरी है। खरात प्रकरण में जो धन का लेन-देन हुआ, वह पैसा किसका था। क्या यह पैसा कॉल सेंटर रैकेट से जुड़ा है। क्या इस माध्यम से काले धन को सफेद किया गया। इन सभी सवालों की गहन जांच होनी चाहिए।
दत्ता कराले और उनके सहयोगी पुलिस अधिकारियों की जहां-जहां पोस्टिंग होती है, वहां इस तरह के रैकेट सक्रिय हो जाते हैं। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
