Devendra Fadnavis
नयी दिल्ली/मुंबई: उत्तर प्रदेश (UP) के बाद अब महाराष्ट्र में भी शहरों के नाम बदलने की राजनीति तेज हो गई है। शुक्रवार को महाराष्ट्र के दो पुराने शहरों के नाम बदल दिए गए। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के दो शहरों के नामों को बदल दिया। अब औरंगाबाद और उस्मानाबाद नए नामों से जाने जाएंगे। केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर बताया कि औरंगाबाद को अब ‘छत्रपति संभाजीनगर’ के रूप में जाना जाएगा और उस्मानाबाद को ‘धाराशिव’ कहा जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार को भेजा था नाम बदलने का प्रस्ताव
दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने 20 अक्टूबर 2022 को राज्य के मराठवाड़ा क्षेत्र के दो शहरों के नाम को बदलने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजकर मांग की थी। नामों को बदलने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के लिए राज्य मंत्रीमंडल में मंजूरी ली गई थी। राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को नए नामों की अधिसूचना जारी कर दी।
उस्मानाबाद का प्राचीन नाम ‘धाराशिव’ तो संभाजी के सम्मान में औरंगाबाद का नाम बदला
बता दें कि उस्मानाबाद शहर के पास ‘धाराशिव’ नाम के गुफाओं की श्रृंखला है। इस प्राचीन गुफा श्रृंखला के नाम पर शहर का प्राचीन नाम ‘धाराशिव’ रहा है जिसे केंद्र सरकार ने अधिसूचना में बहाल कर दिया है। अब उस्मानाबाद ‘धाराशिव’ के नाम से जाना जाएगा। जबकि, औरंगाबाद को ‘छत्रपति संभाजीनगर’ के नाम से जाना जाएगा। औरंगाबाद में मराठा क्षत्रप, राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र और उनके उत्तराधिकारी छत्रपति संभाजी महाराज ने अपने पिता के बाद आठ साल तक शासन किया था। मार्च 1689 में 31 वर्ष की अल्पायु में संभाजी महाराज की मृत्यु हुई थी। औरंगाबाद को संभाजी के सम्मान में ‘छत्रपति संभाजीनगर’ के नाम पर किया गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दोनों शहरों का नाम बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमितभाई शाह का आभार जताया है।
