महाराष्ट्र के 14 जिले Red जोन में और 14 ही ऑरेंज जोन में, क्या लॉकडाउन से मिलेगी राहत?

मुंबई: पूरे देश में कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन की अवधि को 3 मई तक बढाया गया है। ऐसे में देश के कुछ भागों को लॉकडाउन से राहत देने के लिए केंद सरकार की योजना के तहत अब रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है। ये वर्गीकरण राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से किया गया है। लॉकडाउन में लोगों को कुछ राहत देने के लिए है।
महाराष्ट्र की बात करें देश में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले यही सामने आ रहें हैं, इस राज्य में कुल 36 जिले हैं जिनमें से 14 जिले मुंबई, पुणे, ठाणे, नागपुर, सांगली, अहमदनगर, यवतमाल, औरंगाबाद, बुलढाना, मुंबई उपनगर, नासिक, कोल्हापुर, अमरावती, पालघर को हॉटस्पॉट रेड जोन में रखा गया है। इसी तरह अकोला, लातुर, सतारा, रत्नागिरी, उस्मानाबाद, जलगांव, सिुधंदुर्ग, रायगढ, हिंगोली, जालना, वासिम, गोंदिया, धुले, सोलापुर को आरेंज जोन में रखा गया है।
गौरतलब है कि गृहमंत्रालय की गाइडलाइंस के साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के प्रभाव के आधार पर राज्यों को अपने जिले को रेड, आरेंज और ग्रीन जोन में निर्धारित करने का निर्देश दिया। देश मे 170 जिलों केा रेड जोन में रखा गया है, वहीं 207 जिले ऑरेंज जोन में हैं। देश के कुल 736 जिलों में 359 जिले पूरी तरह से कोराना से मुक्त हैं जो ग्रीन जोन में आते हैं और यदि ऑरेंज जोन में 28 दिनों तक कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला तो वह जगह भी ग्रीन जोन में आ जायेगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अप्रैल को लॉकडाउन की अवधि 3 मई तक बढा दी थी लेकिन साथ ही ये कहा था कि 20 अप्रैल से लॉकडाउन में थोड़ी राहत भी दी जायेगी। इसके लिये राज्यों को कोरोना संक्रमितों के आधार पर तीन जोन में बांटा जायेगा उसके बाद मूल्यांकन के आधार पर जिलों को लॉकडाउन में कुछ छूट दी जायेगी।
