नयी दिल्ली , सुप्रीम कोर्ट मे मुजफ्फरपुर शेल्टर होम की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी ए.के.शर्मा का कोर्ट से पूछे बगैर तबादला करने पर सीबीआइ अधिकारी एम नागेश्वर राव को अवमानना का नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने नागेश्वर राव के अलावा सीबीआई अधिकारी भासुरन को भी अवमानना का नोटिस थमाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों बड़े अधिकारियों को फरवरी को कोर्ट में तलब किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई अधिकारी नागेश्वर राव और भासुरन को गुरुवार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि अब आपको भगवान ही बचा सकते हैं। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इस मामले में बहुत गंभीर हैं। आपने देश के सर्वोच्च न्यायलय से खिलवाड़ किया है। मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई ने कहा कि आपने हमारा आदेश तोड़ा है अब आपको भगवान ही बचाएंगे।
क्या है मामला :
बता दें कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टिस) की सोशल ऑडिट रिपोर्ट से बिहार के विभिन्न शेल्टर होम में लड़कियों व बच्चों की प्रताड़ना तथा यौन उत्पीड़न के मामले प्रकाश में आए थे। मामले ने तूल पकड़ा तो तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को इस्तीफा देना पड़ा। मामले के सूत्रधार व मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के संचालक ब्रजेश ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया। बिहार में रहने पर मामले के अनुसंधान को प्रभावित करने की आश्ांका के कारण ब्रजेश को राज्य से बाहर पंजाब के जेल में भेज दिया गया है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने शेल्टर होम के मामलों के ट्रायल को भी बिहार से बाहर ट्रांसफर कर दिया।

