”दादा” की दादागिरी, अब दी सफाई..!
राजेश जायसवाल/मुंबई
महाराष्ट्र सरकार में छह बार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके अजित (दादा) पवार एक बार फिर बुरी तरह से विवादों में घिर गए हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में लंबा अनुभव रखने वाले अजित पवार अपनी निर्भयता, निडरता और राजनीतिक निर्लज्जता के लिए विख्यात हैं। अपने लापरवाह व्यक्तित्व और दूरगामी परिणामों की परवाह न करने वाले अजित पवार को राज्य के मुख्यमंत्री पद के लिए उत्सुक, आतुर और जल्दबाज़ के रूप में भी जाना जाता है।
डिप्टी सीएम अजित पवार का IPS अधिकारी अंजना कृष्णा को फटकार लगाने का मामला इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जिसमें एक फोन कॉल के दौरान आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा और डिप्टी सीएम अजित पवार के बीच तीखी नोक-झोक हुई। वहीं, ये 4 सितंबर को ये वीडियो सामने आने के बाद आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा भी चर्चा में आ गई हैं। इस आईपीएस आधिकारी के बारे जानने से पहले आइए- जानते है..क्या हैं पूरा मामला?
डिप्टी सीएम और आईपीएस अधिकारी से हुई बहस
रविवार, 31 अगस्त 2025 के एक वीडियो ने अजितदादा पवार की बदनामी को और बढ़ा दिया है। रविवार को जब मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जरांगे का विरोध-प्रदर्शन अपने चरम पर पहुंच रहा था। उसी समय सोलापुर जिले के करमाला तालुका के मौजे कुरुद गांव के ग्रामीण बिना अनुमति के सड़क निर्माण से जुड़े अवैध खनन और मुरुम निकाल रहे हैं। पुलिस और राजस्व विभाग को मिली के सूचना के बाद सोलापुर जिले की डीएसपी अंजलि कृष्णा करमाला गांव में सड़क निर्माण से जुड़े अवैध मुरुम खनन की जांच कर रही थीं। रविवार, 31 अगस्त 2025 की दोपहर जब अंजलि कृष्णा मौके पर पहुंचीं, तभी 50 से ज़्यादा ग्रामीण भगवा वस्त्र और मराठा आंदोलन की बेल्ट पहने, हाथों में लाठियां लिए नारे लगा रहे थे। डीएसपी अंजलि कृष्णा ने उन्हें अवैध खनन और मुरुम खनन रोकने की चेतावनी दी।
उसी दौरान एनसीपी के करमाला तालुका अध्यक्ष (अजीत पवार गुट) के नेता बाबासाहेब जगताप ने सीधे अजित पवार को फोन लगाया और कॉल अधिकारी को थमा दी। बताया जाता है कि बातचीत में अंजलि कृष्णा ने फोन पर अजित पवार की आवाज पहचानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों में तीखी बहस हो गई। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने बाबासाहेब जगताप के फोन के माध्यम से डीएसपी अंजलि कृष्णा को धमकी दी। जब डीएसपी अंजलि कृष्णा ने अजित पवार से विनम्रतापूर्वक अनुरोध किया कि वह आपके (अजित पवार) के फोन से उनके निजी फोन नंबर पर कॉल करें, तो अजित पवार ने मौखिक रूप से कृष्णा को गाली दी? और कहा कि क्या तुम मुझे नहीं पहचानते? क्या तुम मेरी आवाज़ नहीं पहचानते? तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझसे वीडियो कॉल करने के लिए कहने की? फिर अजित पवार ने अधिकारी से नंबर लेकर वीडियो कॉल किया। वीडियो में पवार ने आईपीएस अधिकारी को फटकार लगाई और उनसे सड़क निर्माण में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली मुरुम मिट्टी के अवैध खनन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई रोकने की बात कही। बहस के दौरान अजित पवार ने यहां तक कह दिया- मेरा आदेश है..”एक्शन रोको, मैं तुम पर एक्शन लूं क्या?, इतनी डेयरिंग है तुम में?” वीडियो कॉल के दौरान पवार ने अधिकारी से कहा जाकर तहसीलदार से बताओं कि मेरा फोन आया था! ये कहते हुए कि मुंबई में मराठा आंदोलन चल रहा है, माहौल गहमागहमी का है, ये एक्शन अभी लेने की ज़रूरत नहीं है।
जानें- कौन हैं DSP अंजलि कृष्णा?
डीएसपी अंजलि कृष्णा मूल रूप से केरल की रहने वाली हैं और 2022-23 बैच की यूपीएससी सिविल सर्विस अधिकारी हैं। UPSC सिविल सर्विस एग्जाम-2022 में उन्होंने AIR-355 रैंक हासिल की थी। इस समय वे महाराष्ट्र के सोलापुर ज़िले के करमाला में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता केरल के तिरुवनंतपुरम में बिजनेस करते हैं, जबकि उनकी मां स्थानीय अदालत में टाइपिस्ट हैं। अंजलि ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूजाप्पुरा स्थित सेंट मैरीज़ सेंट्रल स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने नीरामंकरा के एचएचएमएसपीबी एनएसएस महिला कॉलेज से गणित में स्नातक की डिग्री हासिल की। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 355वीं रैंक प्राप्त की थी। अपनी ईमानदारी, मेहनत और प्रशासनिक योग्यता के कारण वे जल्दी ही अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल हुईं।
अजित पवार ने क्या कहा?
इस घटना के बाद अब उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि मेरे संज्ञान में कुछ वीडियो आए हैं। सोलापुर में मेरी पुलिस अधिकारी से हुई बातचीत को दिखाया गया है। मैं साफ़ करना चाहता हूं कि मेरा उद्देश्य कानून-व्यवस्था में दखल देना नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि ज़मीनी स्थिति शांत रहे। हालात और न बिगड़ें। मेरा, हमारी पुलिस और उसके अधिकारियों, विशेषकर साहस और निष्ठा से सेवा करने वाली महिला अधिकारियों, के प्रति बेहद सम्मान है। मेरे लिए क़ानून का राज सबसे ऊपर है। मैं पारदर्शी शासन के लिए प्रतिबद्ध हूं, और यह भी सुनिश्चित करूंगा कि हर अवैध गतिविधि पर क़ानून के अनुसार सख़्ती से कार्रवाई की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि रेत खनन सहित हर अवैध गतिविधि से कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाए।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कसा तंज
इस घटना पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने अजीत पवार पर चोरों को बचाने का आरोप लगाया और उनके पद पर बने रहने के अधिकार पर सवाल उठाया। राउत ने आरोप लगाया कि वह अपनी पार्टी के चोरों को संरक्षण देने के लिए उन्हें डांट रहे हैं..मंत्रियों को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अवैध मिट्टी खनन से राज्य के खजाने को नुकसान पहुंचता है।
