नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई में ”लालबागचा राजा” के विसर्जन के दौरान चोर-उचक्कों ने भीड़ का जमकर फायदा उठाया है। गणपति विसर्जन के दौरान चोरी की कई वारदातें सामने आई हैं।
पुलिस के मुताबिक, विसर्जन के दौरान 50 मोबाइल फोन और 7 सोने की चेन पर चोरों ने हाथ साफ किया है। पुलिस ने अलग-अलग जगह पर 10 एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने 15 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस ने दो आरोपियों के पास से चोरी का माल भी बरामद किया है।
बता दें कि चंद्रग्रहण और सूतक के साए के बीच मुंबई में रविवार को तीन बार की कोशिश के बाद भी ”लालबागचा राजा” का विसर्जन नहीं हो पाया था। जैसे ही लालबाग के राजा की मूर्ति समुद्र किनारे पहुंची, उसी समय समुद्र में हाई टाइड की वजह से जलस्तर बढ़ने लगा और लहरें तेज होती गईं। इसके चलते विसर्जन टाल दिया गया था। मंडल की ओर से विसर्जन के लिए खास ऑटोमेटिक फ्लोट तैयार किया गया था। लेकिन ऊंची लहरों के बीच इसका इस्तेमाल जोखिम भरा साबित हो सकता था। इसके चलते ”लालबागचा राजा” की मूर्ति को समुद्र में थोड़ा अंदर ले जाकर रोक दिया गया। इस दौरान मूर्ति का आधा हिस्सा पानी में डूबा हुआ दिखाई दिया। आखिरकार 35 घंटे बाद ”राजा” का विसर्जन गिरगांव चौपाटी के गहरे समुद्र में किया गया। इस दौरान पूरा गिरगांव चौपाटी ‘गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया’, पुढच्या वर्षी लवकर या..,’हाय शान कोनाची, लालबागचा राजाची’ के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने नम आंखों से अपने प्रिय ”बप्पा” को विदाई दी। देखा गया कि बप्पा के अंतिम दर्शन के लिए शनिवार सुबह से ही गिरगांव चौपाटी पर भक्तों का तांता लगा हुआ था।
दिन से शुरू हुई ”लालबागचा राजा” की विसर्जन यात्रा रातभर चली। अलग-अलग इलाकों से होते हुए गणपति बाप्पा समुद्र किनारे पहुंचे, जहां प्रतिमा का विसर्जन किया गया। ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते गणपति बाप्पा के रथ को अलग-अलग जगहों से ले जाया गया। झिमझिम बारिशों के बीच ”लालबागचा राजा” की विसर्जन यात्रा के दौरान काफी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर निकल पड़े थे। जिससे मात्र 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में 22 घंटे लग गए। ‘लालबागचा राजा” 11 दिनों तक अपने भक्तों को दर्शन देते हैं और उसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन पूरे विधि-विधानों के साथ उनको विदाई दी जाती है।
