अंकेश जायसवाल/वाराणसी
देश की धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी ‘काशी’ इस बार दुर्गा पूजा के मौके पर एक विशेष आकर्षण और इतिहास का का गवाह बनने जा रही है। शहर के व्यस्त हथुआ मार्केट में इस बार ऐसा पंडाल बन रहा है, जिसकी चर्चा दूर-दूर तक हो रही है। हथुआ मार्केट में बन रहा यह भव्य दुर्गा पूजा पंडाल कर्नाटक के प्रसिद्ध मुरुदेश्वर महादेव मंदिर पर आधारित है।
इस पंडाल को सजाने के लिए कारीगर दिन-रात जुटकर इसे वास्तविक स्वरूप देने में लगे हुए हैं। लगभग 180×60 फीट के इस पंडाल की भव्यता देखते ही बनती है। पंडाल निर्माण में आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का भी प्रयोग किया जा रहा है, जिससे पंडाल में प्रवेश करते ही माँ दुर्गा के भक्तों को दिव्य और अद्भुत अनुभूति होगी।

बता दें कि वाराणसी में ‘दुर्गा पूजा’ केवल धार्मिक आयोजन भर नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव का भी प्रतीक बन चुकी है। हथुआ मार्केट, जो सामान्य दिनों में ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समस्याओं से जूझता है, अब शारदीय नवरात्र पर यहां का नज़ारा देखते ही बनेगा, इस पंडाल के कारण यहां की रौनक जगमगा उठी है। दुकानदारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि पूजा के अवसर पर यह पंडाल निश्चित रूप से पूरे इलाके की शोभा बढ़ा देगा और यहां आने वालों को बेहद आकर्षित करेगा। इस पंडाल की थीम न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है बल्कि यह सांस्कृतिक धरोहर को भी दर्शाती है। मुरुदेश्वर महादेव मंदिर की प्रतिकृति बनाकर आयोजकों ने उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक कड़ी को जोड़ने का अनूठा प्रयास किया है। हथुआ मार्केट के इस भव्य दुर्गा पूजा पंडाल में प्रत्येक वर्ष भारी भीड़ उमड़ती है और माता का दर्शन के लिए भक्तगण घंटों कतार में खड़े रहते हैं।
वाराणसी की इस अद्भुत झलक से यह साफ झलकता है कि काशी की धरती केवल अध्यात्म और परंपराओं की ही नहीं, बल्कि कला और संस्कृति की भी धरोहर है। दुर्गा पूजा जैसे त्योहार इसी सांस्कृतिक धारा को और भी प्रखर बनाते हैं। हथुआ मार्केट का पंडाल पूरे पूर्वांचल में मशहूर है और हर साल एक खास थीम पर बनाया जाता है। यहां पंडाल की सजावट के साथ-साथ मां दुर्गा की प्रतिमा में भी गजब की बारीक कारीगरी देखने को मिलती है। यह विशाल और मनमोहक पंडाल श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना रहता है। इसी के साथ मां दुर्गा के विराजने के बाद अब पंडालों को अंतिम रूप देने का काम हथुआ मार्केट, जगतगंज, चेतगंज के अलावा शहर के कई अन्य पूजा पंडालों में भी तेजी से चल रहा है।
