कांग्रेस महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला
नेटवर्क महानगर/मुंबई
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र में होने वाले आगामी नगर निकाय चुनाव में ‘महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना’ (MNS) को महाविकास आघाड़ी में शामिल करने का जोरदार विरोध किया है। मुंबई कांग्रेस इस संबंध में कांग्रेस हाईकमान तक अपनी भूमिका को पहुंचाने का निर्णय लिया है।
सोमवार को सांताक्रुज के गैलेक्सी होटल में महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला की अध्यक्षता में पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। जिसमें बीएमसी चुनाव 2026 को लेकर मंथन किया गया। इस बैठक में मुंबई प्रभारी यू. बी. वेंकटेश, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, सांसद व मुंबई अध्यक्ष वर्षा गायकवाड, भाई जगताप और ज्योति गायकवाड, चंद्रकांत हंडोरे, असलम शेख, कचरू यादव सहित कई अन्य नेतागण मौजूद रहे।
इस बैठक में मुंबई के अधिकांश कांग्रेस नेताओं ने एकमत से बीएमसी चुनावों के लिए ‘एकला चलो रे’ रुख़ पेश किया। सभी नेताओं ने मुंबई महानगरपालिका के लिए अपने दम पर लडऩे की पुरज़ोर मांग की। कांग्रेस सूत्रों ने यह भी बताया कि बैठक में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ न जाने की बात की गई और सभी पदाधिकारियों ने एकमत से कहा कि इससे पार्टी को भारी नुकसान होगा। पार्टी पदाधिकारियों ने स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ने का सुझाव वरिष्ठ नेताओं को दिया है।
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि मुंबई में कांग्रेस की हर विभाग में ताकत है, इसलिए अकेले दम पर बीएमसी चुनाव लडऩे से पार्टी को लाभ होगा। महानगरपालिका की किसी भी सीट पर दोस्ताना मुकाबला नहीं होना चाहिए।
वहीं, कांग्रेस पार्टी की बैठक में मुंबई कांग्रेस के इस रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राऊत ने कहा कि उनका प्रयास महाविकास आघाड़ी को साथ लेकर चलने का है। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे की भी यही भूमिका है। इस संबंध में सभी सहयोगी दलों से बातचीत की जाएगी।

सरकार ने शहर के लोगों के साथ अन्याय किया: वर्षा गायकवाड
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने कहा कि पिछले तीन साल से महानगरपालिका के चुनावों को रोककर इस सरकार ने शहर के लोगों के साथ जो अन्याय किया है, उसके खिलाफ मुंबई कांग्रेस लड़ती आ रही है। संविधान को बचाने और लोगों के हक की रक्षा करने के लिए हम हर कदम उठाएंगे। हमारे बब्बर शेर कार्यकर्ता कांग्रेस की विचारधारा को घर घर पहुंचा रहे हैं और न्याय की लड़ाई में हमेशा तत्पर रहे हैं और रहेंगे।
क्या राज ठाकरे एमवीए का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं?
यह पूछे जाने पर कि क्या राज ठाकरे एमवीए का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं, राउत ने संवाददाताओं से कहा कि राज ठाकरे भी चाहते हैं कि कांग्रेस, जो एमवीए की एक घटक है, को साथ लेकर चला जाना चाहिए, यही उनका रुख है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इस पर कोई फैसला हो चुका है।
संजय राउत ने आगे कहा कि उन्होंने कुछ मुद्दों पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से बात की है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी से भी चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से बात करेंगे। हालांकि, राज्य कांग्रेस नेताओं के एक वर्ग ने मनसे के साथ हाथ मिलाने के किसी भी कदम का विरोध किया है, खासकर आगामी बिहार विधानसभा चुनावों से पहले।

राज्य की राजनीति में हर किसी की अपनी जगह है: राउत
संजय राउत ने आगे कहा कि राज्य की राजनीति में हर किसी की अपनी जगह है। जिस तरह शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की अपनी जगह है, उसी तरह मनसे की भी अपनी जगह है और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) और वामपंथी दलों की भी अपनी जगह है। हमारा रुख यह है कि कांग्रेस को सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होना चाहिए। यहां तक कि राज ठाकरे की भी यही राय है। उनका इशारा राज, उद्धव और पवार सहित विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल की ओर था, जो मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात करने वाला है।
संजय राउत के बयान पर क्या बोले NMS नेता देशपांडे?
मनसे नेता संदीप देशपांडे ने शिवसेना नेता राउत की टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी ही अपना रुख बताएगी कोई और नहीं। भविष्य में भी केवल हम ही अपना रुख बताएंगे। ऐसे में यह मान लेना अभी यह जल्दबाजी होगी कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे एमवीए का हिस्सा बनेंगे या नहीं? हालांकि, राउत के बयान के बाद मनसे ने साफ कहा कि पार्टी का रुख पार्टी प्रमुख राज ठाकरे तय करेंगे।
