नेटवर्क महानगर/मुंबई
भारत निर्वाचन आयोग सोमवार, (27 अक्टूबर) को देशभर में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की घोषणा करेगा। चुनाव आयोग ने दिल्ली के विज्ञान भवन में शाम 4:15 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया है। जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी के नेतृत्व में पूरी जानकारी दी जाएगी। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग देश के 10 से 15 राज्यों में SIR करा सकता है और कल इसकी घोषणा की जा सकती है।
वहीं, इसको लेकर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने SIR का समर्थन किया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि वो इसका स्वागत करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारी लगातार ये मांग रही है। उन्होंने कहा कि साल 2012 में उन्होंने खुद इसके लिए हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी, क्योंकि हमारे देश में पिछले 25 सालों में हम लोग संक्षिप्त पुनरीक्षण कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाताओं की जो सूची बनाई जाती है उसमें संक्षिप्त पुनरीक्षण किया जाता है संपूर्ण पुनर्निरीक्षण नही किया जाता। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि आने वाले दिनों में मतदाता सूची को ब्लॉक चैन के रूप में बनाया जाए।
फडणवीस ने राहुल गांधी पर किया तीखा प्रहार
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि राहुल जो ट्वीट करते हैं, उन्हें भी इसकी जानकारी नहीं होती कि वो क्या ट्वीट कर रहे है। उन्होंने कहा कि जो फलटण की घटना है, साफ है कि जिस महिला डॉक्टर ने सुसाइड किया है, उसने अपने हाथ पर जो लिखा है उससे मामला स्पष्ट हुआ है, जिसके आधार पर गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने कहा कि हमने साफ कहा कि इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि आजकल राहुल गांधी और उनकी पार्टी के लोग ऐसे संवेदनशील मामलों में भी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना नहीं भूलते, ये बेहद दु:ख की बात है। फडणवीस ने कहा कि वह अपनी छोटी बहन को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। सीएम ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिल जाता, वो चैन से नहीं बैठेंगे। सीएम ने आरोप लगाया कि इस घटना को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
दरअसल, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 28 वर्षीय महिला डॉक्टर की आत्महत्या को संस्थागत हत्या करार देते हुए रविवार को कहा कि यह घटना बीजेपी नीत सरकार के अमानवीय और असंवेदनशील रवैये को उजागर करती है। सतारा जिले के एक सरकारी अस्पताल में कार्यरत महिला डॉक्टर का शव गुरुवार रात फलटण कस्बे के एक होटल के कमरे में फंदे से लटका मिला था। मृतक ने अपनी हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में आरोप लगाया था कि पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल बदाने ने कई बार उसके साथ बलात्कार किया, जबकि सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बनकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।

वहीं, इस मामले में दोनों मुख्य आरोपी पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल बदाने और इंजीनियर प्रशांत बनकर को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला डॉक्टर ने अपनी हथेली पर लिखे ‘सुसाइड नोट’ में दो लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रशांत बनकर उस मकान मालिक का बेटा है, जहां महिला डॉक्टर रहती थी। वहीं, जांच के दौरान मामले में पुलिस उपनिरीक्षक बदाने नाम का सामने आने के बाद उसे सेवा से निलंबित कर दिया गया है।
सुसाइड नोट में क्या लिखा?
महिला डॉक्टर मूल रूप से बीड जिले की रहने वाली थीं और 23 महीने से सतारा जिले के फलटण उप-जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर अपनी सेवा दे रही थीं। ग्रामीण क्षेत्र में सेवा की अपनी बॉन्ड अवधि पूरी करने में उन्हें सिर्फ एक महीना बाकी था, जब उन्होंने यह कदम उठाया।
आत्महत्या करने से पहले महिला डॉक्टर ने अपने हाथ की हथेली पर स्याही से लिखे नोट के अलावा चार पन्नों का डिटेल सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इस नोट में उन्होंने आरोप लगाया है कि एक पुलिस अधिकारी ने उनका चार बार बलात्कार किया और उन्हें पुलिस मामलों में अभियुक्तों के लिए फर्जी फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने का दबाव बनाया। अब यह भी सामने आया है कि उन पर न केवल पुलिस अधिकारियों बल्कि एक सांसद और उनके पीए यानी (निजी सहायक) का भी दबाव था। अपने चार पन्नों के सुसाइड नोट में डॉक्टर ने लिखा कि पुलिस अधिकारी उन्हें अभियुक्तों के लिए फर्जी फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दबाव डालते थे। कई बार तो अभियुक्तों को मेडिकल जांच के लिए लाया भी नहीं जाता था। जब उन्होंने मना किया तो सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदाने और अन्य लोग उन्हें परेशान करते थे। उन्होंने नोट में कहा कि मेरी मौत का कारण सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदाने है, जिन्होंने मेरा बलात्कार किया और प्रशांत बनकर है, जिन्होंने 4 महीने तक मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। सतारा जिला पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी ने बताया कि आरोपी गोपाल बदाने ने सतारा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। इस मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है।
