Anjali Damania
नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने बेटे पार्थ की कंपनी से जुड़े एक संदिग्ध जमीन सौदे के बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा इस्तीफे की मांग किए जाने पर बुधवार को कहा कि वह अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर फ़ैसला लेंगे। अजित पवार के बेटे पार्थ से जुड़ी एक निजी कंपनी पुणे के मुंधवा इलाके में एक सरकारी भूखंड से जुड़े 300 करोड़ रुपये के सौदे के केंद्र में है, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। अनियमितताओं के आरोपों और विपक्ष की आलोचना के बाद, राज्य सरकार ने पिछले हफ्ते इस सौदे को रद्द कर दिया और राजस्व विभाग के एक सीनियर आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में जांच के आदेश दिए।
इस्तीफा मांगने पर क्या बोले अजीत पवार?
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया (Anjali Damania) ने कथित जमीन घोटाले को लेकर अजित पवार के इस्तीफ़े की मांग की है। दमानिया द्वारा इस्तीफा मांगे जाने के बारे में पूछे जाने पर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने पुणे में पत्रकारों से कहा कि मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर फ़ैसला लूंगा। सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने बुधवार को मांग की कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को इस्तीफा दे देना चाहिए और उनके बेटे पार्थ का नाम करोड़ों के पुणे जमीन सौदे में अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में की गई एफआईआर में शामिल किया जाए। पार्थ पवार का ‘अमादेय इंटरप्राइजेज’ (एलएलपी) में 99 फीसदी हिस्सेदारी है, इसी फर्म ने पुणे में कोरेगांव पार्क क्षेत्र से कुछ दूर मुंधवा में 40 एकड़ जमीन की खरीद की थी। दमानिया ने आगे कहा कि इस आकार का जमीन सौदा बिना किसी राजनीतिक सरपरस्ती के नहीं हो सकता। दमानिया ने राजस्व मंत्री बावनकुले से मुलाकात की और मुलाकात के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि अजित पवार को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस भी नहीं बचा पाएंगे। उन्होंने कहा कि वह सिंचाई घोटाले, महाराष्ट्र सहकारी बैंक घोटाले और इस घोटाले को लेकर उच्च न्यायालय जाएंगी।
लैंड डील पर पवार ने क्या दी दलील?
अजित पवार ने अपने बेटे का बचाव करते हुए दावा किया कि पार्थ को इस बात की जानकारी नहीं थी कि कंपनी द्वारा खरीदी गई जमीन सरकार की है। विपक्ष का आरोप है कि 1800 करोड़ की जमीन ‘अमादेय इंटरप्राईजेस’ (LLP को 300 करोड़ में बेची गई और उस पर 21 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी माफ कर दी गई। जमीन महार वतन जमीन है और नियमानुसार, इस श्रेणी की जमीन राज्य सरकार की पूर्वानुमति के बिना नहीं बेची जा सकती।
इससे पहले भी अजित पवार कह चुके हैं कि उनके बेटे पार्थ और उनके कारोबारी सहयोगी को इस बात की जानकारी नहीं थी कि पुणे में उनकी कंपनी द्वारा खरीदी गई जमीन सरकारी है और अब इस विवादास्पद सौदे को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा था कि सौदे की जांच के लिए सरकार द्वारा नियुक्त समिति एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।सौदे से संबंधित दस्तावेज़ों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है और इस आशय का एक हलफनामा अधिकारियों को सौंप दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सौदे में एक भी रुपये का लेन-देन नहीं हुआ है।
हमने कभी सत्ता का दुरुपयोग नहीं किया: अजीत पवार
अजीत पवार ने मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा कि हमने कभी सत्ता का दुरुपयोग नहीं किया और न ही कभी अहंकार किया। सत्ता का दुरुपयोग ज़्यादा दिन नहीं चलता। जनता हमें आठ लाख वोटों से इसलिए चुनती है क्योंकि हम उनके लिए ईमानदारी से काम करते हैं। जनता और हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं की बदौलत ही हम लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं।
दिल्ली में लाल किला के समीप 10 नवंबर को हुए कार विस्फोट के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि मंगलवार को मुंबई में सुरक्षा समीक्षा बैठक हुई और महाराष्ट्र को हाई अलर्ट पर रखा गया।
