नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र निकाय चुनाव में जीत के बाद राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहली प्रतिक्रिया सामने आयी है। फडणवीस ने कहा कि निकाय चुनाव में फिर से भाजपा ‘नंबर वन’ पार्टी बन गयी है। उन्होंने विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2014 के बाद से शहरों और गांवों में हर चुनाव जीता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में हमारा प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा। हालांकि, तब वोटों में कोई कमी नहीं आई। उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में हमें अच्छे वोट मिले थे। भाजपा सभी जातियों और समुदायों की पार्टी है। भाजपा महाराष्ट्र की नंबर एक पार्टी है।
सीएम फडणवीस ने महाराष्ट्र नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के परिणामों पर बोलते हुए कहा कि हमने रत्नागिरी में महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ा, हमें सफलता मिली। सिंधुदुर्ग में कोई गठबंधन नहीं था, हमने वहां कुछ सीटें जीतीं, कुछ सीटें हारीं। बाकी सभी जगहों पर हमने जीत हासिल की। जहां भी हमने चुनाव लड़ा, हम जीते।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मैं महाराष्ट्र की जनता का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने राज्य में नगरपालिका और नगर पंचायत चुनावों में भारतीय जनता पार्टी और महायुति को प्रचंड सफलता दिलाई। यह सफलता हमारे कार्यकर्ताओं की है, यह उनकी जीत है।
उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास दिखाया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के मार्गदर्शन में भाजपा ने यह शानदार जीत हासिल की है।
फडणवीस ने कहा कि महायुति के तौर पर हमने 215 नगर पालिकाओं (74.65 प्रतिशत) पर जीत हासिल की है। (कुल नगर पालिकाएं: 288) नगरसेवकों की सीटों पर गौर करें तो 2017 में भाजपा ने 1602 सीटें जीती थीं, जो अब बढ़कर 3325 (47.82 %) हो गई हैं। यानी भाजपा ने दोगुनी से भी ज्यादा सीटें जीती हैं। हमने महायुति के तौर पर 4331 सीटें (62.30 %) जीती। (कुल सीटें: 6952)।
सीएम फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के नेतृत्व में यह पहला चुनाव है, मैं उन्हें तहे दिल से बधाई देता हूं। मैं अपने साथी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी बधाई देता हूं जिन्होंने इस चुनाव के लिए कड़ी मेहनत की।
ये आने वाले महानगरपालिका चुनावों का ट्रेलर है: CM
देवेंद्र फडणवीस कि यह भी कहा कि ये आने वाले महानगरपालिका चुनावों का ट्रेलर है, मैं कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि इससे और बड़ी सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करें! उन्होंने कहा, विपक्षी दलों के नेताओं को यह एहसास हो गया था कि महागठबंधन चुनाव जीतने वाला है। इसीलिए वे या तो चुनाव से बाहर नहीं हुए या फिर उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। अब अगर लोगों को पता चलता है कि वे हार गए हैं, तो नगर निगम और जिला परिषद के कर्मचारियों का मनोबल गिर जाएगा। अब वे कह सकते हैं कि हमने चुनाव लड़ा ही नहीं। हमने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
उन्होंने कहा कि लेकिन यह चुनाव कार्यकर्ताओं का है। हमने पूरी ताकत से प्रचार किया। हम उन गांवों तक गए जिनकी आबादी 10,000 है। ये वही कार्यकर्ता हैं जो लोकसभा और विधानसभा के लिए चुने जाते हैं, लेकिन उनके चुनाव में काम न करना समय की बर्बादी है। उन्हें किस्मत के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। वहां अपनी प्रतिष्ठा दांव पर न लगाना ठीक नहीं है। भाजपा ऐसा नहीं करती, चाहे हम जीतें या हारें, हम अपने कार्यकर्ताओं के साथ हैं।
