नेटवर्क महानगर/मुंबई
बीएमसी चुनाव 2026 के लिए रामदास अठावले की ‘रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया’ (RPI) ने 39 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा कि बीएमसी चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना के बीच हुए सीट बंटवारे के समझौते से उनकी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-अठावले (आरपीआई-(ए)) को बाहर रखा जाना ‘विश्वासघात’ है। बीजेपी और शिवसेना के बीच 137 और 90 सीटों पर समझौता हुआ है।
अठावले ने समझौते से बाहर रखे जाने पर नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा- ‘महायुति के गठन के बाद से हम पूरी निष्ठा और दृढ़ता से गठबंधन के साथ खड़े रहे हैं लेकिन सीट बंटवारे को लेकर आज जो हुआ है, वह ‘विश्वासघात’ है। उन्होंने दावा किया कि सोमवार को शाम 4 बजे चर्चा के लिए एक बैठक तय थी लेकिन गठबंधन सहयोगी अपनी प्रतिबद्धता निभाने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि यह केवल समय की बर्बादी नहीं है, बल्कि हमारे स्वाभिमान पर हमला है’।
अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगा: अठावले
केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव नजदीक हैं। मैं अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करूंगा। इस बीच, आरपीआई (ए) के सूत्रों ने कहा कि पार्टी के उम्मीदवार 50 सीट पर नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन वापस लेने के लिए अब भी समय है। देखते हैं कि क्या सम्मानजनक चर्चा होती है और नामांकन वापस लेने या सौहार्दपूर्ण चुनाव लड़ने का निर्णय लिया जाता है। तब तक, हम अकेले ही 50 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
अजित पवार की NCP भी अलग लड़ रही BMC चुनाव
बता दें कि महानगरपालिका चुनावों से पहले भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) की महायुति कई प्रमुख शहरों में टूट गई है। जहां एक ओर बीजेपी और शिवसेना ने सीट बंटवारे के समझौते की घोषणा की है, वहीं, महायुति का एक अन्य घटक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव अलग लड़ रही है। शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के एक साथ आने, कांग्रेस-वंचित वहुजन आघाड़ी के साथ आने, सपा के अलग लड़ने और ‘आप’ के मैदान में कूदने के बाद से राज्य की राजनीति में बड़ी उथल-पुथल मच गई है। जिसे लेकर कहा जा रहा है कि महानगरपालिका चुनाव की लड़ाई दिलचस्प हो गई है।
