नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड ने सोमवार, (6 अप्रैल) को अशोक खरात केस से जुड़े महिलाओं के कथित वीडियो सार्वजनिक होने की घटना को “बहुत गंभीर” बताया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस की महिला सांसद ने इस मामले को महाराष्ट्र के लिए शर्म की बात करार दिया।
मुंबई कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए गायकवाड ने कहा कि अशोक खरात ने खुद को भगवान बताकर सैकड़ों महिलाओं का यौन शोषण किया और इस अंधविश्वास के चलते पीड़ितों को मानसिक और शारीरिक नुकसान झेलना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह की गतिविधियों पर वर्षों तक ध्यान क्यों नहीं दिया गया? और क्या लोकल पुलिस और राज्य की इंटेलिजेंस मशीनरी की कोई संभावित नाकामी रही।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों के वीडियो का सार्वजनिक होना अत्यंत आपत्तिजनक है। यह महिलाओं के निजी अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और इसे फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोकल पुलिस की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता और इसे भी गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
बता दें कि ढोंगी बाबा अशोक खरात केस देशभर में सुर्खियों में है और महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा पर एक बार फिर से सवाल खड़े हुए हैं। सांसद वर्षा गायकवाड ने आगे कहा कि इस तरह की घटनाओं से न केवल पीड़ित प्रभावित होती हैं, बल्कि समाज में भी भय और असुरक्षा का माहौल बनता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संबंधित अधिकारियों और मीडिया को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी संवेदनशील जानकारी गलत तरीके से सार्वजनिक न हो। महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनकी निजता के उल्लंघन को रोकने के लिए सख्त कानून और उसकी उचित लागू व्यवस्था की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार और पुलिस से अपील की कि अशोक खरात से जुड़े सभी मामले का न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाए। इस मामले में, गायकवाड ने यह स्पष्ट किया कि पीड़ितों के वीडियो लीक करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ आरोपी खरात के खिलाफ भी सभी कानूनी उपाय किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए सिस्टम में सुधार करना होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।
