Gorakhpur crime news
नेटवर्क महानगर/गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक बेहद चौकाने वाली घटना सामने आई है। यहां राजस्थान के एक युवक को गोरखपुर बुलाकर शादी कराकर ठगने वाले गैंग ने अपनी ठगी का शिकार बनाते हुए 3:30 लाख रुपये लूट लिए और दुल्हन के साथ फरार हो गए। पुलिस में शिकायत के बाद आरोपियों की तलाश शुरू हुई और काफी मशक्कत के बाद पुलिस द्वारा गैंग में शामिल प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। इसके पूर्व भैया गैंग कई लोगों को अपनी ठगी का शिकार बन चुका था।
चिलुआताल पुलिस ने शनिवार, (11 अप्रैल) को एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी शादी कराकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे और पैसे लेकर रफूचक्कर हो जाते थे। पुलिस लाइन के सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसपी नाथ ज्ञानेंद्र कुमार ने खुलासा करते हुए बताया कि इस गैंग में कुल 9 सदस्य शामिल हैं। दुल्हन सहित उसकी मुंह बोली बहन अभी भी फरार है, जिसकी तलाश अभी जारी है।
दरअसल, राजस्थान के कोटा निवासी मुकेश मीणा को अपने भाई ब्रह्म मोहन मीणा की शादी के लिए एक लड़की की तलाश थी। इसी बीच उनकी मुलाकात हरियाणा निवासी राजू शर्मा से हुई, जिसने उन्हें एक लड़की की फोटो दिखाते हुए बताया कि इस लड़की से मैं आपके भाई की शादी करवा दूंगा। फोटो द्वारा लड़की पसंद आई और बात बन गई तो दलाल उन्हें 12 मार्च 2026 को गोरखपुर लेकर पहुंचा। जहां पूर्व प्लान के मुताबिक, अंकुर सिंह जो चिलुआताल थाने का हिष्ट्रीशीटर भी है के घर पर शैलादेवी नामक एक महिला दो युवतियों के साथ पहुंची हुई थी। इनमें से एक दुल्हन और दूसरी उसकी मुंह बोली बहन बताई गई थी। उधर, कोटा से मुकेश, उसका भाई बृजमोहन और बृजमोहन भी पहुंचे थे। वरमाला पहनाने के साथ ही शादी करा दी गई। शादी की रस्में पूरी हो गई।
रुपये मिलते फरार हुए आरोपी
पीड़ितों के मुताबिक, उनसे पहले भी कुछ रुपये राजू शर्मा द्वारा ले लिए गए थे, तभी अचानक अंकुर सिंह पुलिस की वर्दी पहने अपने चार साथियों धीरेंद्र यादव, मुन्ना, रवि और नौमी शर्मा के साथ वहां आ धमका और धमकाते हुए बोला कि तुम लोग फर्जी शादी करते हो। हमें जानकारी मिली है कि यह लड़की नाबालिग है। मुकदमा दर्ज कर सभी को जेल भेजा जाएगा, यदि बचाना चाहते हो तो 3:30 लाख रुपये देना होगा। यह सुनते ही मुकेश, बृजमोहन और उसके भाई डर गए। आनन-फानन में बृजमोहन ने कोटा अपनी पत्नी को फोन लगाया और 3.20 लाख रुपये अपने खाते में मंगाए। 3.11 लाख रुपये आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। रुपए मिलते ही आरोपियों सहित दुल्हन उसकी मौसी और सहेली फरार हो गए।
अब खुद को ठगा हुआ महसूस करने के बाद पीड़ित 13 मार्च को चिलुआताल थाने पहुंचे, जहां उन्होंने आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया और न्याय की गुहार लगाई। 10 अप्रैल को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर गैंग के सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दुल्हन और उसकी मुंह बोली बहन अभी भी फरार है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
दूसरे राज्यों के लोगों को फंसाता है यह गैंग!
इस बारे में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार को ही सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। यह पूरा गैंग पहले से ही सक्रिय है। इसके पहले भी यह गैंग ऐसे ही दो-तीन वारदात को अंजाम दे चुका है। यह लोग पूरी प्लानिंग के साथ दूसरे राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। मुख्य आरोपी अंकुर सिंह थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है, राजू शर्मा नामक दलाल हरियाणा का रहने वाला है, जो इन लोगों से मिला हुआ है। यह पूरा गैंग प्लानिंग के साथ यह काम करता है। इसमें अंकुर सिंह दारोगा और बाकी इसके चार साथी उसके सिपाही और दीवान बनते हैं। महिला शैलादेवी दुल्हन की मौसी का रोल अदा करती है। उन्होंने बताया कि आरोपी दुल्हन और उसकी मुंह बोली बहन अभी फरार है, जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों के पास से 1.65 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए सातों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
