Varsha Gaikwad
नेटवर्क महानगर/मुंबई
नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार ने पिछले 12 सालों में देश के लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने का गुनाह बार-बार किया है। बीजेपी में यह सोच बढ़ने लगी है कि कोई विरोधी पार्टी नहीं होनी चाहिए और इसी सोच की वजह से पार्टियां टूट रही हैं। शिवसेना (यूबीटी) पार्टी के छह सांसदों ने सत्ताधारी पार्टी को समर्थन देकर पार्टी के साथ गद्दारी की है। इन छह सांसदों ने न सिर्फ जनमत का अपमान किया है, बल्कि अघाड़ी धर्म, लोकतंत्र और लोगों का भी घोर अपमान किया है। ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बाद कांग्रेस की सांसद और मुंबई कांग्रेस की अध्यक्षा प्रो. वर्षा गायकवाड़ ने उक्त बातें कहीं हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार विपक्ष को खत्म करने के लिए ‘साम दाम और दंड भेद’ की नीति का इस्तेमाल कर रही है। बीजेपी ने दूसरी पार्टियों के विधायक और सांसद को खरीदने का बहुत ही शर्मनाक तरीका शुरू किया है और यह उनका धंधा बन गया है। पिछली बार ’50 खोके, एकदम ओके’ वाला तरीका सामने आया था। अब इन 6 लोगों के लिए जितने करोड़ की बोली लगाई थी, वह भी जल्द ही सामने आ जाएगा। ये छह लोग सत्ता के लिए लाचार हो गए हैं।
सांसद वर्षा गायकवाड़ (Varsha Gaikwad) ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी (MVA) ने लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए बीजेपी के खिलाफ़ बहादुरी से लड़ाई लड़ी, लेकिन आज बहुत अफ़सोस हो रहा है कि महाविकास अघाड़ी के कुछ लोग बिक चुके हैं। लोगों ने बीजेपी के खिलाफ़ वोट दिया था, और जिन्होंने दिन-रात उनके लिए कैंपेन किया, उन्होंने उन्हें धोखा दिया। जो लोग पैसे के लिए बिक रहे हैं, ये लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक बात है।
