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UBT के 7 सांसद मानसून सत्र से पहले शिवसेना (शिंदे) में शामिल होंगे: तुमाने
नेटवर्क महानगर/मुंबई
महाराष्ट्र में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच राजनीति में भी इन दिनों ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चर्चा गर्म है। इन चर्चाओं के बीच शिवसेना नेता संजय निरुपम ने मंगलवार, (16 जून) को दावा किया कि 2029 तक शिवसेना (यूबीटी) खत्म हो जाएगी। यह बात ऐसे समय में कही गई है जब अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी के कई सांसद एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो सकते हैं।
‘ऑपरेशन टाइगर’ पर बात करते हुए निरुपम ने कहा कि यूबीटी पार्टी धीरे-धीरे खत्म हो रही है। उनके विधायकों और सांसदों को अब यूबीटी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा। उनकी पार्टी अब कमजोर पड़ रही है और पार्टी के नेताओं में असंतोष की भावना बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि 2029 तक यह पार्टी खत्म हो जाएगी। लोग हर दिन यूबीटी छोड़ रहे हैं। जहां तक उनके सांसदों की बात है, तो हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। यह उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है। यह पार्टी धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी और लोग इसे छोड़ देंगे।
शिवसेना नेता ने तंज कसते हुए आगे कहा कि पिछले दिनों उन्होंने ‘मातोश्री’ में बैठक बुलाई थी। उद्धव ठाकरे जो हमेशा फेसबुक पर लाइव रहते हैं, पहली बार उनसे प्रेरणा लेकर उनके सांसद ऑनलाइन लाइव हो गए और वो बैठक में शामिल नहीं हुए। इनके सांसदों और विघायकों में जबरदस्त असन्तोष है। इसका क्या मतलब हुआ मुझे नहीं मालूम, लेकिन आने वाले दिनों में ये सभी धीरे-धीरे पार्टी छोड़ देंगे।
संजय निरुपम ने उबाठा में बढ़ते अंसतोष के पीछे कई कारण भी गिनाया। उन्होंने कहा कि विधायकों और सांसदों के बीच असंतोष का कारण एक तो उबाठा के नेतृत्व में बहुत अहंकार है। दूसरा उबाठा का नेतृत्व अपने विधायकों, अपने सांसदों के लिए सुलभ नहीं है। तीसरी बात ये है कि उबाठा के नेतृत्व के जो दोनों नेता हैं (बाप और बेटे), ये दोनों लोग अपने घर से बाहर निकलते ही नहीं, महाराष्ट्र के दौर में पर नहीं जाते।

यूबीटी के 16 विधायक भी संपर्क में: तुमाने
वहीं, अब एकनाथ शिंदे गुट के नेता कृपाल तुमाने के बयान ने महाराष्ट्र के सियासी गलियारे में खलबली मचा दी है। कृपाल तुमाने ने दावा किया है कि सात सांसदों के साथ पाला बदलने की अंतिम बातचीत पूरी हो चुकी है, बस शामिल होने की तारीख तय होना बाकी है। तुमाने ने दावा किया है कि 7 सांसद जल्द ही मानसून सत्र से पहले शिवसेना (शिंदे) में शामिल होंगे।
उन्होंने ये भी दावा किया है कि उद्धव ठाकरे के 16 विधायक भी शिंदे गुट के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और इसके ‘मुख्य डॉक्टर’ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हैं। कृपाल तुमाने के इस दावे ने महाराष्ट्र की सियासत में खलबली मचा दी है।
आखिर क्या है पूरा मामला?
उद्धव ठाकरे ने रविवार, (14 जून) को मातोश्री आवास पर पार्टी के सांसदों की आपात बैठक बुलाई थी। इस बैठक में पार्टी के सभी 9 सांसदों को बुलाया गया था, लेकिन इस बैठक में सिर्फ चार सांसद पहुंचे थे बाकी पांच सांसद नदारद देखे गए। इससे पार्टी में टूट की खबरों को और बल मिला। हालांकि, ऑपरेशन टाइगर’ की खबरों के बीच संजय राउत ने मीडिया के सामने दावा किया कि अन्य 5 सांसद वर्चुअली इस बैठक में शामिल हुए थे। संजय राउत ने खुद को ‘टाइगर’ बताते हुए टूट की खबरों को अफवाह बताया और कहा कि सबकुछ ‘ऑल इज वेल’ (सब ठीक है)। राउत ने कहा कि उनकी पार्टी जवाबी कार्रवाई में “ऑपरेशन वुल्फ” शुरू करेगी।
पार्टी नेता अरविंद सावंत ने बताया कि कई सांसद इमरजेंसी के चलते इस बैठक में नहीं पहुंच सके थे। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने सांसदों को मैसेज देते हुए कहा- आज का दिन शायद मेरा न हो, लेकिन कल निश्चित रूप से मेरा होगा। तब तक हमें धैर्य रखना होगा और ये सब सहना होगा। अगर जाना है तो खुशी-खुशी जाए..!
इस पर टिप्पणी करना मुझे सही नहीं लगता: जायसवाल
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष जायसवाल ने शिवसेना (यूबीटी) के घटनाक्रम पर सीधे टिप्पणी करने से परहेज करते हुए कहा कि सांसदों के राजनीतिक भविष्य से जुड़े किसी भी फैसले पर औपचारिक रूप से लिए जाने के बाद ही चर्चा की जानी चाहिए।
जायसवाल ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) में जो हो रहा है, उस पर टिप्पणी करना मुझे सही नहीं लगता। अगर उन्हें लगता है कि बालासाहेब की विरासत एकनाथ शिंदे के पास है और वे अपने निर्वाचन क्षेत्र और राजनीतिक भविष्य के लिए कोई फैसला लेते हैं, तो उसके बाद ही इस पर बात करना सही होगा। वे दलबदल विरोधी कानून के इतिहास और नियमों के अनुसार क्या करते हैं और उनकी संख्या कितनी है, यह उनका फैसला है।
किसी भी पार्टी को तोड़ने में कोई दिलचस्पी: शायना एनसी
शिवसेना नेता शायना एनसी ने भी अपनी पार्टी द्वारा विरोधी राजनीतिक दलों के नेताओं को तोड़ने की कथित कोशिशों की अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें किसी भी पार्टी को तोड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। शायना ने कहा, हमारे नेता एकनाथ शिंदे की लोकप्रियता को सभी ने देखा है, क्योंकि वह आम लोगों के प्रति वफादार हैं और ज़मीनी स्तर पर काम करते हैं। वह घर से काम नहीं करते हैं।
यहां बता दें कि लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसद हैं। दलबदल के नियमों के मुताबिक, अयोग्यता से बचने के लिए दो तिहाई सदस्य यानी कम से कम 6 सांसदों को एकसाथ उद्धव गुट से अलग होना होगा।
