नेटवर्क महानगर/नवी मुंबई
नवी मुंबई के रबाले एमआईडीसी थाना क्षेत्र से रिश्तों को झकझोर देने वाली एक ऐसी खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने दिल्ली के चर्चित श्रद्धा वालकर हत्याकांड की यादें ताजा कर दी है।
रबाले एमआईडीसी पुलिस ने करीब 11 महीने पहले हुई इस सनसनीखेज हत्या का खुलासा करते हुए मृतक बलीराम सूर्यनाथ कुशवाहा (50) की पत्नी सुनीता कुशवाहा (40) और उसके कथित प्रेमी राहुल दशरथ प्रजापति (30) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अवैध संबंधों में बाधा बन रहे बलीराम की गला दबाकर हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए शव के तीन टुकड़े कर उन्हें जंगल में अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। अदालत ने दोनों आरोपियों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, 24 अप्रैल 2026 को रबाले एमआईडीसी पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि 9 अगस्त 2025 की रात वारदात से पहले दंपति के दोनों बच्चों को उनकी मौसी के घर भेज दिया गया था। इसके बाद बलिराम की सोते समय गला घोंटकर हत्या की गई और तेज धारदार हथियार से उसका सिर अलग कर दिया गया।

जानें- क्या है पूरा मामला?
नवी मुंबई परिमंडल- १ के पुलिस उपायुक्त विजय खरात के अनुसार, ऐरोली के यादव नगर निवासी 50 वर्षीय बलीराम सूर्यनाथ कुशवाहा अपनी पत्नी सुनीता कुशवाहा और दो बच्चों के साथ रहते थे। इसी दौरान सुनीता के घणसोली निवासी ऑटो रिक्शा चालक राहुल दशरथ प्रजापति से प्रेम संबंध बन गए। जब बलीराम को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर बलीराम को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 9 अगस्त 2025 की रात दोनों बच्चों को उनकी मौसी के घर भेज दिया गया था। इसके बाद घर में सो रहे बलीराम की गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद धारदार हथियार से शव के तीन टुकड़े किए गए और उन्हें अलग-अलग बोरियों व चादर में लपेटकर राहुल प्रजापति के ऑटो रिक्शा से गवली देव पहाड़ी के जंगल में अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया।

वारदात के बाद सुनीता ने यादव नगर का मकान किराए पर दे दिया और अपने दोनों बच्चों के साथ प्रेमी राहुल के घर घणसोली में रहने लगी। करीब आठ महीने तक उसने परिवार को यह कहकर गुमराह किया कि बलीराम घर छोड़कर कहीं चले गए हैं। 24 अप्रैल 2026 को रबाले एमआईडीसी पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू हुई। जांच के दौरान दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल और सिम कार्ड बदल दिए थे, लेकिन कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आए विरोधाभासी बयानों के आधार पर पुलिस का शक गहरा गया। अलग-अलग पूछताछ में दोनों आरोपी टूट गए और हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गवली देव पहाड़ी क्षेत्र में मृतक के अवशेषों की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि, घटना को 11 महीने बीत जाने के कारण अवशेषों की बरामदगी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। फिलहाल, पुलिस गावली देव जंगल में मृतक के कंकाल और अन्य अवशेषों की तलाश में अभियान चला रही है तथा मामले की आगे की जांच रबाले एमआईडीसी पुलिस कर रही है।
