नेटवर्क महानगर/मुंबई
मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) सबसे प्रसिद्ध और व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में से एक है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) स्टेशन पर उपलब्ध फ्री सार्वजनिक वाई-फाई (Free Wi-Fi) सेवा से जुड़ा एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि रेलवे स्टेशन पर फ्री Wi-Fi से मोबाइल कनेक्ट करने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के जनरल मैनेजर (GM) के पर्सनल सेक्रेटरी का मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने उनके संपर्कों को फर्जी आरटीओ चालान के नाम पर एक APK फाइल भेजी। इसी फाइल को डाउनलोड करने के बाद बैंक अधिकारी 4.27 लाख रुपये की साइबर ठगी का शिकार हो गए। मामले में एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन में 4 अगस्त 2026 को एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
Wi-Fi से कनेक्ट होते ही हैक हुआ मोबाइल!
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, वडाला के भक्ति पार्क निवासी 56 वर्षीय गोबिंदा बिस्वास ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’ की फोर्ट शाखा में जनरल मैनेजर हैं। 18 जुलाई को उनके पर्सनल सेक्रेटरी नारायण स्वामी मुंबई के CSMT स्टेशन पर मौजूद थे, जहां उन्होंने रेलवे के फ्री Wi-Fi नेटवर्क से अपना मोबाइल कनेक्ट किया। आरोप है कि इसी दौरान साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल की सुरक्षा में सेंध लगाकर उसे हैक कर लिया। इसके बाद हैकर्स ने फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को “RTO चालान” के नाम से एक APK फाइल भेजनी शुरू कर दी। जैसे ही ये APK फाइल गोबिंदा बिस्वास के मोबाइल पर पहुंची तो उन्होंने इसे असली आरटीओ चालान समझकर डाउनलोड और इंस्टॉल कर लिया। इसके बाद उनका मोबाइल भी हैक हो गया और उसी फोन से अन्य लोगों को भी वही फर्जी फाइल भेजी जाने लगी। 21 जुलाई को उन्हें मोबाइल में असामान्य गतिविधियां दिखाई दीं। जिसके बाद उन्होंने संदिग्ध APK फाइल को डिलीट कर दिया परन्तु उस समय तक उन्हें अपने बैंक एकांउंट से किसी पैसे के नुकसान की जानकारी नहीं थी।
3 अगस्त 2026 को क्रेडिट कार्ड का बिल आने पर उन्हें पता चला कि 21 जुलाई को मात्र 28 मिनट के भीतर उनके क्रेडिट कार्ड से पांच अनधिकृत ट्रांजैक्शन किए गए। इन लेन-देन के जरिए कुल 4,27,264 रुपये निकाल लिए गए थे। असामान्य गतिविधि देखते हुए बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग ने ग्राहक से संपर्क करने का प्रयास किया परन्तु संपर्क नहीं होने पर कार्ड को एहतियातन ब्लॉक कर दिया गया।
फिलहाल, पीड़ित बैंक अधिकारी ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मोबाइल कैसे हैक हुआ और फर्जी APK फाइल के जरिए साइबर ठगों ने वारदात को कैसे अंजाम दिया?
इन बातों का रखे विशेष ध्यान?
वहीं, साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया पर अनजान लिंक या APK फाइल पर क्लिक न करें। किसी भी अनजान स्रोत से मिली APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल करने से बचना चाहिए। विश्वसनीय ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करना सुरक्षित माना जाता है। सार्वजनिक Wi-Fi का इस्तेमाल करते समय भी लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
