नेटवर्क महानगर/मुंबई
मायानगरी कही जाने वाली मुंबई की फिल्म नगरी से हैरान कर देने वाली दो घटनाएं सामने आई हैं। यहां मुंबई पुलिस ने अलग-अलग जगहों से दो नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है। ये दोनों बच्चे फिल्म और सीरियल में काम करने के लिए घर से भागकर मुंबई पहुंचे थे। पूछताछ करने पर पुलिस को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को सुरक्षित बचा लिया है। इसमें एक नाबालिग लड़की को रेस्क्यू किया गया है, जो असम से भागकर मुंबई आई थी, जबकि एक अन्य नाबालिग लड़का मध्यप्रदेश से भागकर मुंबई आया था, जिसे फिल्म सिटी से रेस्क्यू किया गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुंबई के आरे पुलिस थाने में एक 15 साल की नाबालिग लड़की मदद मांगने पहुंची। लड़की फिल्मों और सीरियल में काम करने के लिए असम से मुंबई आई थी। वह फिल्म सिटी में काम की तलाश में पहुंची, लेकिन प्रवेश नहीं मिलने पर मदद के लिए आरे पुलिस थाने पहुंची। पुलिस ने पूछताछ की तो लड़की ने अपना नाम प्रियांखी टूटू बोरा (15) बताया। महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में विश्वास में लेकर पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह गोलाघाट जिले के बोकाखाट क्षेत्र की रहने वाली है और 4 अगस्त 2026 को परिवार को बिना बताए घर से मुंबई के लिए निकल आई थी। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया।
वहीं, दूसरी तरफ फिल्म सिटी में एक नाबालिग लड़के के लावारिस हालत में घूमने की सूचना मिली थी। इसके बाद आरे पुलिस की मोबाइल टीम ने उसे सुरक्षित पुलिस स्टेशन लाकर पूछताछ की। लड़के ने अपना नाम पारस रतिराम वर्मा (16) बताया। वह मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के हिवरखेड़ी, ब्लॉक चौरई का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि वह ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ सीरियल में काम करना चाहता था। इसी के चलते वह 6 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 2 बजे छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर नागपुर पहुंचा और वहां से मुंबई के लिए ट्रेन ली। 7 अगस्त की सुबह मुंबई पहुंचने के बाद लोकल ट्रेन से गोरेगांव स्टेशन गया और वहां से पैदल चलकर फिल्म सिटी पहुंचा। पुलिस ने उसके पिता से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि पारस स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला था। पुलिस की सूचना पर पिता उसे लेने मुंबई पहुंच रहे हैं। तब तक पारस को सुरक्षित आरे पुलिस स्टेशन में रखा गया है।
