Yogi Adityanath
नेटवर्क महानगर/वाराणसी
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दूसरे दिन (शनिवार, 13 जून) पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। मुख्यमंत्री ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के स्वतंत्रता भवन में आयोजित विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन (13-14 जून, 2026) के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इसके साथ ही सीएम योगी ने बीएचयू परिसर में ही 150 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे उत्तर भारत के पहले और देश के तीसरे अत्याधुनिक ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ (National Center for Aging) का औचक स्थलीय निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था को युद्धस्तर पर काम पूरा करने की चेतावनी दी।

पहले हमारा किसान सिर्फ किसान नहीं, इनोवेटर था
विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विज्ञान का सीधा और स्पष्ट मतलब लोक कल्याण है। दुनिया के जिस भी देश ने तरक्की की है, उसके पास विज्ञान का यही लोक कल्याणकारी भाव था। उन्होंने भारत के प्राचीन गौरव को याद करते हुए कहा कि 400 साल पहले वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 24-25 प्रतिशत थी, जो आजादी के समय घटकर महज डेढ़ से दो प्रतिशत रह गई। हमें सोचना होगा कि ऐसा क्यों हुआ?
उन्होंने ने कहा किभारत हमेशा से कृषि प्रधान देश रहा है। हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी कृषि और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र हैं। पुराना किसान केवल खेती नहीं करता था, वह स्वयं नए-नए नवाचार (Innovation) करता था। कृषि कभी घाटे का सौदा नहीं थी। उन्होंने इस दौरान रसायन मुक्त ऑर्गेनिक खेती और जीरो बजट खेती अपनाने पर विशेष जोर दिया।
MSME सेक्टर की खुली छूट से बदला UP का नक्शा
कारीगरों की बदहाली दूर हुई: मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2014 से पहले हमारे पारंपरिक कारीगरों को बदहाल छोड़ दिया गया था। उनके उत्पादों को बेकार कहकर बाजार से बाहर कर दिया गया। लेकिन 2017 में हमारी सरकार आने के बाद हमने ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना शुरू की।
रिकॉर्ड निर्यात और रोजगार: हमने कारीगरों को नई डिजाइनिंग और पैकेजिंग से जोड़ा। आज नतीजा यह है कि उत्तर प्रदेश का निर्यात 2 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। राज्य में 96 लाख एमएसएमई यूनिटों में 3 करोड़ लोग काम कर रहे हैं, जिससे यूपी में बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) घटकर 3 प्रतिशत से भी नीचे आ चुकी है।
अधिवेशन से पूर्व, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS-BHU) में बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से बन रहे 7 मंजिला अत्याधुनिक ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ के निर्माण कार्य का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने निर्माण स्थल पर मौजूद इंजीनियरों को कड़ी हिदायत दी कि प्रत्येक दशा में उच्च गुणवत्ता और मानकों का पालन करते हुए कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने बीएचयू प्रशासन को भी इस प्रोजेक्ट की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए।
क्या है इस सेंटर की खासियत?
200 बिस्तरों वाला यह अत्याधुनिक अस्पताल बुजुर्गों (सीनियर सिटीजन्स) की देखभाल और उपचार के लिए उत्तर भारत का सबसे बड़ा केंद्र होगा। यहाँ बुजुर्गों के लिए मल्टी-स्पेशियलिटी ओपीडी, आर्थराइटिस (गठिया) क्लिनिक और मेमोरी क्लिनिक संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही जेरिएट्रिक मेडिसिन (जरा चिकित्सा) के क्षेत्र में डॉक्टरों और नर्सों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

सड़क निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, युद्धस्तर पर पूरा करें कार्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार वाराणसी पहुंचे थे। सर्किट हाउस सभागार में उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और अभियंताओं के साथ एक हाई-लेवल बैठक की, जिसमें मंडल की प्रगतिशील और आगामी परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में निर्देशित किया कि सड़कों के निर्माण कार्य में किसी भी तरह की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मानसून की दस्तक से पहले सभी चिन्हित परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वाराणसी परिक्षेत्र में वर्तमान में ₹7,175 करोड़ की कुल 2,630 परियोजनाएं चालू हैं। इनमें से 687 कार्य शत-प्रतिशत पूरे हो चुके हैं, जबकि 542 कार्यों का 90 फीसदी हिस्सा पूरा कर लिया गया है। अकेले वाराणसी जिले की बात करें, तो यहां ₹3,223 करोड़ की लागत से 421 विकास कार्य गतिमान हैं, जिनमें से 85 कार्य पूरी तरह संपन्न और 158 कार्य अंतिम चरण (90% पूर्ण) में हैं।
टेंडर प्रक्रिया में न हो कोई वेटिंग
मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब भी कार्ययोजना तैयार हो, धन स्वीकृति के साथ ही टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो जानी चाहिए। किसी भी फाइल को वेटिंग में न रखा जाए। उन्होंने कमिश्नर और जिलाधिकारियों को अपने स्तर पर नियमित बैठकें कर निर्माण कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। सीएम योगी ने विशेष निर्देश दिए कि सड़कों की मरम्मत से पहले उनका सटीक सर्वे कराया जाए और नगरीय क्षेत्र की सड़कों की जिम्मेदारी नगर निगम संभाले। साथ ही, विकास कार्यों में स्थानीय जन प्रतिनिधियों के प्रस्तावों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
चंदौली कोर्ट कॉम्प्लेक्स और यूनिटी मॉल की प्रगति रिपोर्ट
बैठक में मुख्यमंत्री ने चंदौली में बन रहे ‘इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स’ के बारे में भी जानकारी ली। अभियंताओं ने बताया कि इसका 18 फीसदी काम पूरा हो चुका है। सीएम ने इस प्रोजेक्ट में भी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा। इसके अलावा, वाराणसी में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाए जाने वाले ‘यूनिटी मॉल’ के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने की हिदायत दी। इससे पहले, पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने पीपीटी (PPT) के जरिए मुख्यमंत्री के समक्ष पूरे परिक्षेत्र का ब्योरा प्रस्तुत किया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सूबे के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या समेत कई सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य मौजूद रहे। प्रशासनिक अमले से मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल सहित लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारी उपस्थित थे।

पीएम मोदी के विजन से भारत आज भी मजबूत
इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को चौकाघाट स्थित गिरिजादेवी सांस्कृतिक संकुल सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में हिस्सा लिया। केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस ‘जनकल्याण शिविर’ में मुख्यमंत्री ने स्ट्रीट वेंडरों, युवाओं और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र और चेक सौंपकर लाभांवित किया। यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को रेखांकित किया और विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने वैश्विक आर्थिक हालातों की तुलना करते हुए कहा कि आज दुनियाभर में ऊर्जा का बड़ा संकट है। अमेरिका जैसा देश, जो दुनिया की सबसे बड़ी सामरिक ताकत माना जाता है, वहां आज महंगाई लगभग चार गुना बढ़ चुकी है। दुनिया के तमाम विकसित देशों की हालत खराब है। लेकिन, काशी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भी भारत मजबूती के साथ अपने नागरिकों के साथ खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पिछले 12 वर्षों में काशी की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। साल भर में 15 से 20 लाख श्रद्धालु काशी आ रहे हैं, स्टेशन एयरपोर्ट जैसे दिख रहे हैं और वंदे भारत, अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें देश में ही बन रही हैं। उन्होंने वाराणसी में बन रहे रोपवे (Ropeway) को एक नया ट्रांसपोर्ट मॉडल बताते हुए कहा कि इसके शुरू होने के बाद काशीवासियों को एक नया और बेहतरीन अहसास होगा। मुख्यमंत्री ने बाबा विश्वनाथ और मां गंगा से पीएम मोदी के दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना भी की।
DBT ने कांग्रेस और सपा के मुंह पर मारा तमाचा
2014 से पहले के भारत का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले देश में भ्रष्टाचार और अविश्वास का माहौल था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बयान का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए कहा- एक प्रधानमंत्री वो थे जो कहते थे कि मैं दिल्ली से ₹100 भेजता हूं तो नीचे केवल ₹15 पहुंचता है। लेकिन आज मोदी जी के नेतृत्व में जनधन खातों और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए लाभार्थियों के खाते में पूरा पैसा सीधे पहुंचता है। जब जनधन खाते खुल रहे थे, तो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इसका मजाक उड़ाती थी, लेकिन आज सीधे पैसे ट्रांसफर होने की व्यवस्था ने इन दलों के मुंह पर तमाचा मारने का काम किया है।

कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी
समारोह के समापन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के मंदिर और देवाधिदेव महादेव श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का रुख किया। उन्होंने दोनों पवित्र देवस्थानों में विधिवत दर्शन-पूजन कर राज्य की सुख, समृद्धि और लोक-कल्याण की कामना की।
