नेटवर्क महानगर/नागपुर
महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी के नेतृत्व में नागपुर स्थित दीक्षाभूमि से सेवाग्राम तक ‘संविधान सत्याग्रह पदयात्रा’ का आरंभ हुआ। इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संघ के भी रावण की तरह 10 सिर हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सपकाल ने कहा कि विजयादशमी के दिन रावण के रूप में किसी व्यक्ति का दहन नहीं किया जाता, बल्कि बुरी प्रवृत्ति का दहन किया जाता है। आज संघ के माध्यम से समाज व संविधान विरोधी प्रवृत्ति फैलाई जा रही है। उसके भी 10 सिर हैं और सबकी दिशाएं अलग-अलग हैं। दशहरा के दिन संघ की उस प्रवृत्ति का दहन होना चाहिए।
सोमवार, 29 सितंबर को सुबह 7 बजे दीक्षाभूमि से पदयात्रा का आरंभ हुआ जिसमें कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुनील केदार, शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे, पूर्व मंत्री राजेन्द्र मुलक, मविआ में शामिल घटक दल एनसीपी (एसपी) के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख, शिवसेना उद्धव ठाकरे की नेता सुषमा अंधारे, सांसद श्यामकुमार बर्वे, डॉ.वजाहत मिर्झा, अभिजीत वंजारी, नाना गावंडे, अतुल लोंढे, अश्विन बैस, प्रफुल गुडधे सहित कई अन्य नेता शामिल हुए। सपकाल ने कहा कि संविधान विरोधी संघ की प्रवृत्ति का समाज के सभी वर्गों को विरोध करना चाहिए। यह ‘संविधान सत्याग्रह पदयात्रा’ देश के इतिहास के एक बेहद महत्वपूर्ण क्षण में आयोजित किया जा रहा है। संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों को एकजुट और एक साथ लाने के लिए, आज समाज और देश में धर्म, जाति, भाषा और लिंग के आधार पर भेदभाव बहुत अधिक है। इसे समाप्त करने के लिए संविधान और सत्याग्रह ही हम सभी के लिए एकमात्र साधन हैं।
जनसुरक्षा’ नहीं दहशतवादी कानून: तुषार गांधी
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने महाराष्ट्र सरकार के जन-सुरक्षा कानून को ‘दहशतवादी’ कानून बताया। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ हम जनजागृति करने के लिए पदयात्रा निकाल रहे हैं। देश में लोकतंत्र, सामाजिक समता व न्याय व्यवस्था पर हमला करने का प्रयास हो रहा है। ऐसे सभी हालातों की जानकारी देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना व संविधान की रक्षा के लिए खड़ा होना आवश्यक है।
